दहेज हत्या सजा: मुजफ्फरपुर जिले के कथैया थाना क्षेत्र अंतर्गत प्यारेपुर गांव में विवाहिता गुंजा कुमारी की दहेज हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. एडीजे-11 डॉ. किशोर कुणाल की अदालत ने मामले में दोषी करार दिए गए पति संजीत कुमार को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर पांच हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी.
अभियोजन पक्ष ने पेश किए सात गवाह
अदालत में सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक सुनील कुमार पाण्डेय ने अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाहों को पेश किया. गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पति संजीत कुमार को दहेज हत्या का दोषी ठहराते हुए यह कठोर सजा सुनाई.
शादी के कुछ महीनों बाद ही शुरू हुआ था उत्पीड़न
वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र निवासी मृतका के भाई दीपक कुमार ने 18 सितंबर 2024 को कथैया थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में पूरी घटना का विवरण दिया था:
- विवाह और दहेज की मांग: गुंजा कुमारी की शादी 25 अप्रैल 2024 को प्यारेपुर निवासी संजीत कुमार से हुई थी. विवाह के कुछ ही दिनों बाद पति संजीत, ससुर किशोरी पंडित, सास बालकेशरी देवी, भैंसुर मुन्ना पंडित और ननद अंजू देवी ने दो लाख रुपये दहेज की मांग शुरू कर दी.
- शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना: असमर्थता जताने पर नवविवाहिता के साथ लगातार मारपीट और अमानवीय व्यवहार किया जाने लगा.
- संदेहास्पद स्थिति में मिला शव: 16 सितंबर 2024 की सुबह फोन कर मायके वालों को बुलाया गया. जब परिजन ससुराल पहुंचे तो घर खुला था और सभी ससुराल वाले फरार थे. कमरे का हैंडल खोलकर देखने पर गुंजा फंदे से लटकी मिली. मृतका उस समय ढाई माह की गर्भवती थी.
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