Muzaffarpur Crime Thriller: पटना के बड़े होटल कारोबारी को अपने जाल में फंसाकर 97 लाख रुपये ऐंठने वाला खेल तो खत्म हो चुका है, लेकिन असली सस्पेंस अब शुरू हुआ है. पीड़ित कारोबारी की एफआईआर में जिस प्रेमिका 'अदिति' का नाम दर्ज कराया गया था, वह सिर्फ एक फरेब निकली. जांच अधिकारी तेज प्रकाश के चौंकाने वाले खुलासे के मुताबिक, लड़की का नाम, पता और दस्तावेज सब पूरी तरह फर्जी हैं. अब यही फर्जी पहचान खाकी के लिए सबसे बड़ी पहेली बन गई है, जिससे शातिर 'हसीना' को चिन्हित करने और शिकंजा कसने में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं.
अंडरग्राउंड हुए मास्टरमाइंड, कुर्की की तैयारी में जुटी पुलिस
पुलिस की छापेमारी के बाद से ही मुख्य आरोपी अभिषेक और उसकी मिस्ट्री प्रेमिका पूरी तरह अंडरग्राउंड हैं. पुलिस की टेक्निकल सेल मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है. ठगी के 97 लाख में से 77 लाख रुपये अब भी गायब हैं. पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि अगर दोनों शातिर जल्द हत्थे नहीं चढ़े, तो अदालत से गैर-जमानती वारंट लेकर घर पर इश्तेहार चिपकाया जाएगा और संपत्ति की कुर्की-जब्ती कर उनकी कमर तोड़ दी जाएगी.
डीपफेक का गंदा खेल और जीपीएस ट्रैकर से घेराबंदी
इस सनसनीखेज वारदात की शुरुआत तब हुई जब अभिषेक ने अपनी प्रेमिका को होटल कारोबारी के पास नौकरी पर लगवाया. फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल:
- डीपफेक वीडियो का खौफ: एआई (डीपफेक) से फर्जी आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाकर कारोबारी को 1.5 करोड़ की रंगदारी के लिए धमकाया गया, जिससे डरकर पीड़ित ने 97 लाख रुपये दे दिए.
- जीपीएस ट्रैकर का दांव: पानी सिर से ऊपर गुजरा तो पुलिस ने रंगदारी वाले बैग में जीपीएस ट्रैकर छिपाकर एसकेएमसीएच गेट नंबर दो स्थित अभिषेक के घर से 20 लाख रुपये नकद बरामद कर लिए.
भनक लगते ही आरोपी फरार हो गए. अब पुलिस इस फर्जी पहचान की गुत्थी सुलझाने और फरार आरोपियों को दबोचने के लिए हर संभावित ठिकाने पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है.
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