मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट
Greenfield Satellite Township Bihar: मुजफ्फरपुर समेत सूबे के सभी 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र के भू-स्वामियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है. इन क्षेत्रों में मास्टर प्लान और जोनल प्लान तैयार करने को लेकर सरकार द्वारा जमीन की खरीद-बिक्री, ट्रांसफर और निर्माण कार्य पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी. इस रोक के कारण जिन किसानों या भू-स्वामियों को अपनी तात्कालिक आवश्यकताओं जैसे शादी-ब्याह, बीमारी या अन्य जरूरी काम के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी, वे अपनी ही जमीन नहीं बेच पा रहे थे. भू-स्वामियों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट से मुहर लगने के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.
बिहार रैयती भूमि क्रय नीति-2026 के तहत होगी खरीदारी, रैयतों को मिलेगा सहारा
नए नियमों के तहत, अब आर्थिक और तात्कालिक जरूरतों से जूझ रहे भू-स्वामियों से बिहार रैयती भूमि क्रय नीति 2026 के अधीन बिहार राज्य आवास बोर्ड खुद जमीन की खरीदारी कर सकेगा. इस कदम के पीछे सरकार की दोहरी रणनीति है. आवास बोर्ड द्वारा खरीदी गई इस जमीन पर भविष्य में लैंड पुलिंग के माध्यम से विकसित प्लॉट तैयार किए जाएंगे, जिन पर शानदार आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं लाई जाएंगी. इसके बाद आवश्यकता अनुसार इस जमीन को तय प्रक्रिया के तहत संबंधित आयोजना क्षेत्र प्राधिकार को भी ट्रांसफर किया जा सकेगा.
सरकारी और निजी निवेश को मिली रफ्तार, जिला निबंधकों को निर्देश जारी
इस फैसले से टाउनशिप एरिया में सरकारी और निजी निवेश को भी बड़ी रफ्तार मिलेगी. सरकारी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए अब सरकारी प्राधिकार को आवश्यकतानुसार भू-अर्जन करने की अनुमति दे दी गई है. इसके साथ ही, राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद द्वारा स्वीकृत निवेश परियोजनाओं के लिए संबंधित प्राइवेट निवेशकों को भी टाउनशिप एरिया में जमीन खरीदने या उसे लीज पर लेने की अनुमति मिल गई है. इससे शुरुआती पूंजी निवेश का आधार मजबूत होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. नगर विकास एवं आवास विभाग ने बिहार के सभी जिला पदाधिकारियों, जिला अवर निबंधक और अवर निबंधकों को पत्र भेजकर इस आदेश को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है.
