Muzaffarpur News: बिहार सरकार ने नगर निकायों की आय बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. नगर विकास एवं आवास विभाग अब राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों की अचल संपत्तियों का मोनेटाइजेशन करेगा. इसे लेकर विभाग के अवर सचिव परमानंद पांडेय ने मुजफ्फरपुर समेत सभी नगर आयुक्तों, नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश जारी कर दो दिनों के भीतर सभी अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा है.
वित्त विभाग के निर्देश पर शुरू हुई प्रक्रिया
विभागीय पत्र के अनुसार वित्त विभाग के निर्देश के आलोक में नगर निकायों की उपलब्ध संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग कर राजस्व बढ़ाने की योजना तैयार की जा रही है. सरकार का उद्देश्य ऐसी संपत्तियों की पहचान करना है, जिनका बेहतर उपयोग कर नगर निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सके.
सभी अचल और विवादित संपत्तियों का देना होगा विवरण
जारी प्रपत्र में प्रत्येक निकाय को अपनी सभी अचल संपत्तियों का विस्तृत विवरण देना होगा. इसमें संपत्ति का कुल क्षेत्रफल, लैंडमार्क, हाईवे से दूरी, विस्तृत पता, खाता, खेसरा एवं सर्वे नंबर के साथ जीआईएस कोऑर्डिनेट्स भी दर्ज करने होंगे. इसके अलावा यह भी बताना होगा कि संबंधित संपत्ति किसी लीज या लाइसेंस पर है या नहीं. विभाग ने विवादित जमीनों की जानकारी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
समयसीमा में रिपोर्ट नहीं देने पर होगी जवाबदेही
नगर विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी निकायों को मांगी गई जानकारी उपलब्ध करानी होगी. विभाग इन आंकड़ों के आधार पर संपत्तियों के मोनेटाइजेशन की कार्ययोजना तैयार करेगा. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है
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