Swachh Bharat Mission: मुजफ्फरपुर जिला के औराई सरकार द्वारा स्वच्छता को लेकर भले ही बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हों और देश-प्रदेश को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया जा चुका हो, लेकिन **मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड अंतर्गत रामपुर शंभूता पंचायत के रामपुर अजरकवे गांव में इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. यहां पंचायत में सरकारी योजना के तहत बनाया गया सामुदायिक शौचालय आज उपयोग के लायक नहीं बचा है और पूरी तरह बदहाल स्थिति में पड़ा है.
Muzaffarpur News: कागजों पर मरम्मती, जमीन पर बदहाल व्यवस्था
ग्रामीणों के अनुसार, इस सामुदायिक शौचालय की दीवार पर लगे बोर्ड के अनुसार इसे षष्ठम वित्त आयोग की योजना के तहत दुरुस्त किया गया था, जिस पर मुखिया अनिता देवी और पंचायत सचिव पप्पू कुमार का नाम अंकित है. इसके बावजूद मौके पर शौचालय की स्थिति बेहद दयनीय है.शौचालय का गेट और ताला पूरी तरह गायब है, चापाकल व नल खराब पड़े हैं और अंदर गंदगी व मल जमा होने से भीषण दुर्गंध फैल रही है. दीवारों और छत की स्थिति भी जर्जर हो चुकी है, जिससे पानी टपकने की समस्या बनी हुई है. पानी के अभाव और सुरक्षा के इंतजाम न होने के कारण ग्रामीण इसका उपयोग करने में असमर्थ हैं.
Aurai News: खुले में शौच जाने को मजबूर ग्रामीण, राहगीर परेशान
सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को एक बार फिर मजबूर होकर सड़क किनारे या खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है. इस वजह से रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बदबू और गंदगी के कारण लोगों को मुंह पर कपड़ा रखकर उस सड़क से गुजरना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार के शुरुआती दौर के अभियानों के बाद जब चापाकल और अन्य व्यवस्थाएं खराब हुईं, तो लोगों ने वहां जाना पूरी तरह बंद कर दिया.
सांप-बिच्छू का ठिकाना बनी झाड़ियां
शौचालय के चारों ओर करीब 4 से 5 फीट ऊंची झाड़ियां उग आई हैं और भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा जमा है. स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि बरसात के मौसम और शाम के समय इन झाड़ियों के बीच जहरीले सांप और बिच्छू निकलने का डर बना रहता है, जिससे आसपास के लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है.
ग्रामीणों की प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
स्वच्छ भारत मिशन और ओडीएफ प्लस के दावों के बीच रामपुर शंभूता पंचायत की यह तस्वीर व्यवस्था की पोल खोल रही है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों से मांग की है कि इस सामुदायिक शौचालय की तत्काल मरम्मती कराई जाए, नया गेट और ताला लगवाया जाए, खराब पड़े चापाकल को ठीक कराकर परिसर की सफाई और झाड़ियों की कटाई सुनिश्चित की जाए ताकि सरकारी राशि से बनी इस जनोपयोगी सुविधा का लाभ वास्तव में जनता को मिल सके.
