बिजली आपूर्ति सही से नहीं होने से किसानों को पटवन में परेशानी

Farmers face problems in irrigation

मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना के बावजूद किसानों को नहीं मिल रहा पर्याप्त लाभ वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना का उद्देश्य किसानों को कम खर्च में सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराना है. इस योजना के तहत कृषि फीडर से किसानों को मात्र 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलती है, जो डीजल पंप से पटवन की तुलना में कई गुना सस्ती है. इससे किसानों को खेती के काम में काफी सहूलियत हो रही है और इसका लक्ष्य उनकी सिंचाई संबंधी समस्याओं को दूर कर कृषि उत्पादन क्षमता बढ़ाना है. बिजली कटौती से पटवन में बाधा हालांकि, बिजली आपूर्ति सही से न होने के कारण किसानों को पटवन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस समय जिले में धान रोपनी का काम चल रहा है, जिसके लिए पानी की नियमित आपूर्ति बेहद ज़रूरी है. मॉनसून में हल्की बारिश या तेज हवा चलते ही ग्रामीण इलाकों में घंटों बिजली गायब हो जाती है. ऐसे में किसान देर रात तक बिजली का इंतजार करते हैं और बिजली आने पर ही पटवन शुरू कर पाते हैं. ज़्यादा देर बिजली न मिलने पर किसानों को मजबूरीवश डीजल पंप का सहारा लेना पड़ता है, क्योंकि समय पर पानी न मिलने से धान के बिचड़े सूखने का खतरा रहता है. कृषि फीडर और लंबित आवेदन अब तक पूरे जिले में 50 कृषि फीडर का निर्माण हो चुका है और उनका विस्तार किया जा रहा है. करीब 20 हज़ार किसानों को कनेक्शन दिए जा चुके हैं, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण लगभग चार से पांच हज़ार आवेदन अभी भी लंबित हैं. कृषि फीडर कनेक्शन के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले कृषि फीडर से कनेक्शन के लिए मोबाइल ऐप के माध्यम से आवेदन किया जाता था, लेकिन किसानों को ऐप की पूरी जानकारी न होने के कारण अब इस प्रक्रिया को सीधे स्थानीय जेई (जूनियर इंजीनियर) से जोड़ दिया गया है. इससे किसान बिना किसी बिचौलिए की मदद के आसानी से कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं. ऐसे करें आवेदन: किसान अपने क्षेत्र के जेई से संपर्क कर ऑनलाइन आवेदन करेंगे. जिस ज़मीन पर कनेक्शन लेना है, उस ज़मीन के मालिकाना हक की कॉपी, आधार कार्ड व पासपोर्ट साइज़ फोटो आवेदन फॉर्म के साथ मोबाइल नंबर के साथ अपलोड करना होगा. इसके बाद उपभोक्ता के नंबर पर एक रिक्वेस्ट नंबर आएगा. रिक्वेस्ट नंबर आने के बाद यदि कनेक्शन स्थल पर पहले से कृषि फीडर की लाइन गुज़री है, तो एक माह के अंदर कनेक्शन मिल जाएगा. इसी बीच कागज़ात का सत्यापन भी होगा. पहला बिल आने पर उसमें कनेक्शन शुल्क सहित सभी लागू चार्ज जुड़कर आएंगे. यदि कनेक्शन स्थल पर कृषि फीडर का इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, तो इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने तक कनेक्शन में थोड़ा अधिक समय लग सकता है. कनेक्शन के लिए आवश्यक कागज़ात: आधार कार्ड भूमि संबंधित दस्तावेज़ निवास प्रमाण पत्र पासपोर्ट साइज फोटो मोबाइल नंबर

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Author: KUMAR GAURAV

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