नवजात की देखभाल के लिए माताओं को सिखाएंगे गुर, सदर अस्पताल में खुलेगा फैमिली पार्टिसिपेटरी केयर

Family participatory care will be opened in Sadar Hospital

कंगारू मदर केयर से शिशु मृत्यु दर में कमी. माताओं को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

मां के गर्भ से जन्म लेने के बाद नवजात की घर पर देखभाल कैसे की जाए. इसके लिए माताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा. शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए कमजोर और बीमार नवजातों को संक्रमण या अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से बचाने के तरीके सिखाने हेतु राज्य के सभी सदर अस्पतालों में फैमिली पार्टिसिपेटरी केयर सेंटर खोले जाएंगे. इसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति ने बजट आवंटन के साथ गाइडलाइन जारी की है. शिशु स्वास्थ्य के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी सिविल सर्जनों को गाइडलाइन भेजकर निर्देश दिया है कि इस ट्रेनिंग के बाद माताएं अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद भी अपने नवजात की उचित देखभाल कर सकेंगी. गाइडलाइन में कहा गया है कि जन्म के तुरंत बाद शीघ्र स्तनपान शुरू करने से नवजात में संक्रमण की दर कम होती है. जिससे शिशु मृत्यु दर में कमी आती है. साथ ही. नवजात के लिए कंगारू मदर केयर को अनिवार्य बताया गया है.

कंगारू मदर केयर के फायदे

हाइपोथर्मिया से बचाव

शिशु के वजन में वृद्धि

माता के दूध की मात्रा में बढ़ोतरी

संक्रमण की संभावना न के बराबर

नवजात का बेहतर न्यूरोमोटर विकास

अस्पताल में भर्ती की अवधि में कमी और शीघ्र डिस्चार्ज

माता और शिशु के बीच बेहतर भावनात्मक लगाव

माता को स्तन कैंसर से बचाव

इन सावधानियों का रखें ध्यान

कम वजन वाले नवजात को स्नान न कराएं. जरूरत हो तो गीले कपड़े से पोंछें.

दूध पिलाने के दौरान बार-बार शिशु को न उठाएं.

शिशु को बीमार व्यक्तियों से दूर रखें.

नींद आने पर मां को कंगारू केयर नहीं करना चाहिए.

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By Kumar Dipu

I am working as a senior reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on health, political, social, and current topics.

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