मुजफ्फरपुर क्राइम: मिठनपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक नवविवाहिता ने शादी के कुछ ही महीनों बाद पति और ससुराल वालों पर दहेज की मांग को लेकर अमानवीय प्रताड़ना का आरोप लगाया है. पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने पति, सास और रेलवे में दारोगा के पद पर तैनात ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
शादी में लाखों रुपये खर्च करने का दावा
महिला ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उसकी शादी फरवरी 2025 में राजस्थान में पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम से हुई थी. उसके परिजनों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार करीब पांच लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, पांच लाख रुपये नकद और शादी की अन्य व्यवस्थाओं पर लगभग 15 लाख रुपये खर्च किए थे.
राजकोट पहुंचने के बाद शुरू हुई प्रताड़ना
पीड़िता के अनुसार, शादी के बाद वह गुजरात के राजकोट स्थित ससुराल पहुंची. शुरुआती कुछ दिनों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में पति, सास और ससुर ने मिलकर मायके से अतिरिक्त 10 लाख रुपये दहेज लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. जब उसने पिता की आर्थिक असमर्थता बताई तो उसके साथ मारपीट की जाने लगी. आरोप है कि उसे जलाकर या जहर देकर मार डालने की धमकी भी दी जाती थी. साथ ही उसे पर्याप्त खाना-पीना भी नहीं दिया जाता था.
सास-ससुर पर गंभीर आरोप
आवेदन में महिला ने आरोप लगाया है कि रेलवे में दारोगा के पद पर कार्यरत उसके ससुर अकेले मिलने पर गलत नीयत से अमानवीय व्यवहार करते थे. वहीं सास गाली-गलौज करती थी और एक बार गुस्से में उसके चेहरे पर गर्म चाय भी फेंक दी. पीड़िता का यह भी आरोप है कि मारपीट कर उसे बेहोश कर दिया जाता था और फिर उसकी बेहोशी का वीडियो बनाकर उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त साबित करने की साजिश रची जाती थी.
गहने छीनकर मायके भेजने का आरोप
महिला का कहना है कि अक्टूबर 2025 में ससुराल वालों ने उसके सभी गहने अपने कब्जे में ले लिए और उसे अहमदाबाद से अकेले विमान में बैठाकर मायके भेज दिया. इसके बाद जून 2026 में जब वह अपने परिजनों के साथ राजकोट स्थित ससुराल बातचीत के लिए पहुंची तो आरोपियों ने धक्का-मुक्की कर सभी को घर से बाहर निकाल दिया. साथ ही बिहार आकर जान से मारने की धमकी भी दी.
पुलिस ने शुरू की जांच
महिला थाना पुलिस ने पीड़िता के आवेदन के आधार पर पति, सास और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है. पुलिस का कहना है कि मामले की सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है. जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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