वेद प्रचार सप्ताह: यजुर्वेद पारायण यज्ञ और गोरक्षा सम्मेलन आयोजित

Cow Protection Conference organized

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर के जवाहरलाल रोड, घिरनी पोखर स्थित आर्य समाज मंदिर में वेद प्रचार सप्ताह के चौथे दिन प्रात:कालीन यजुर्वेद पारायण यज्ञ में यजुर्वेद के पांचवें अध्याय के मंत्रों के साथ विश्व कल्याण के लिए आहुतियां दी गईं. यज्ञ के ब्रह्मा प्रो. व्यास नंदन शास्त्री वैदिक ने कहा कि यज्ञ मानव जीवन का अनिवार्य कर्म है, जो पर्यावरण को शुद्ध करता है, सुखद वर्षा लाता है और सत्य-श्रद्धा से किया गया यज्ञ सभी मंगलकामनाओं को पूर्ण करता है. यज्ञ में यजमान के रूप में सुशीला देवी आर्या और कृष्ण चंद्र प्रसाद सपत्नीक उपस्थित थे. विजय कुमार ओझा, आचार्य कमलेश दिव्यदर्शी, सतीश चंद्र प्रसाद, वेद प्रकाश, अरुण कुमार आर्य, अनिला आर्या, सुकन्या आर्या, महेंद्र प्रसाद आर्य, नंद लाल आर्य, मुस्कान केशरी, कीर्ति मेघानी, रेखा देवी आर्या, ओमेंद्र कुमार सिंह आदि ने विश्व कल्याण के लिए आहुतियां दीं. यज्ञ के बाद भजनोपदेशक महेंद्र प्रसाद आर्य ने सुमधुर भजनों और वैदिक विचारों से श्रोताओं को लाभान्वित किया. सायंकालीन सत्र: गोरक्षा सम्मेलन

सायंकाल में ब्रह्मयज्ञ और संध्योपासना के साथ सत्र शुरू हुआ. प्रधान विमल किशोर उप्पल की अध्यक्षता में गोरक्षा सम्मेलन आयोजित हुआ. संचालक कमलेश दिव्यदर्शी ने कहा कि गौ हमारी माता है और इसकी रक्षा से हमारी संस्कृति की रक्षा होगी. मुख्य वक्ता प्रो. व्यास नंदन शास्त्री वैदिक ने बताया कि चारों वेदों में गौ को अघ्न्या (न मारने योग्य) कहा गया है. गाय विश्व की माता और परम उपकारी है. महर्षि दयानंद सरस्वती ने ब्रिटिश काल में रानी विक्टोरिया को गोरक्षा के लिए हस्ताक्षर याचिका भेजी थी और गोकरुणानिधि पुस्तक लिखकर गौपालन का महत्व बताया. उन्होंने सभी से गौपालन का व्रत लेने का आह्वान किया.तारापुर, मुंगेर से पधारे भजनोपदेशक महेंद्र प्रसाद आर्य और नाल-वादक नंद लाल आर्य ने भजनों के माध्यम से गौपालन पर जोर दिया. धन्यवाद ज्ञापन मंत्री मनोज कुमार चौधरी ने किया.

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By Kumar Dipu

I am working as a senior reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on health, political, social, and current topics.

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