ब्रह्मपुरा मर्डर केस: मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित ब्रह्मपुरा दंपती हत्याकांड में पुलिस अब बरामद शवों के अवशेषों की आधिकारिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए (DNA) टेस्ट कराने जा रही है. पुलिस गुरुवार को अदालत में अर्जी दाखिल कर इसकी अनुमति मांगेगी. कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही बोचहां से बरामद हड्डियों और अवशेषों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा जाएगा, जहां कारोबारी दंपती की बेटी के सैंपल से उसका मिलान कराया जाएगा.
डीएनए मिलान के बाद बेटी को सौंपे जाएंगे अवशेष
शवों के अवशेषों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें एसकेएमसीएच (SKMCH) के शवदाह गृह में सुरक्षित रखवाया गया है. मामले में कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है:
- ब्रह्मपुरा थानाध्यक्ष विपिन कुमार रंजन के अनुसार, डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही वैज्ञानिक व कानूनी तौर पर यह पुष्टि होगी कि शव मनोज भगत और मीनू देवी के ही हैं.
- जांच प्रक्रिया पूरी होने और रिपोर्ट सकारात्मक आने के बाद ही अवशेष अंतिम संस्कार के लिए बेटी को सौंपे जाएंगे.
संपत्ति के लालच में छोटे भाई ने की थी निर्मम हत्या
ब्रह्मपुरा के भगत मार्केट निवासी कपड़ा कारोबारी मनोज भगत और उनकी पत्नी मीनू देवी 20 मई को अचानक लापता हो गए थे. कमरे से खून के निशान मिलने पर परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताई थी:
- पुलिस ने तीन माह बाद आरोपी छोटे भाई अविनाश उर्फ अनुज को बनारस से गिरफ्तार कर वारदात का पर्दाफाश किया.
- आरोपी ने संपत्ति हड़पने के लिए भाई के सिर पर भारी मूर्ति से वार किया और भाभी का गला दबाकर जान ले ली थी.
- हत्या के बाद शवों को कंबल में बांधकर दरभंगा फोरलेन पर बोचहां के कर्णपुर उत्तरी गांव की झाड़ियों में ठिकाने लगा दिया था.
चार्जशीट और स्पीडी ट्रायल की तैयारी में पुलिस
आरोपी अविनाश को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है. पुलिस अब वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों का पुख्ता संकलन कर रही है. पुलिस की योजना समय सीमा के भीतर मजबूत चार्जशीट दाखिल कर मामले का स्पीडी ट्रायल कराने की है, ताकि हत्यारे को त्वरित और कठोर सजा दिलाई जा सके.
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