University strong room construction Bihar: बिहार के सभी जिलों में अब परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अत्याधुनिक परीक्षा भवन और वज्रगृह का निर्माण किया जाएगा. राज्यपाल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने इस संबंध में राज्य के सभी समाहर्ताओं को आधिकारिक पत्र भेजकर विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं. इस योजना के तहत जिला मुख्यालय स्थित किसी भी विश्वविद्यालय या उसके अंगीभूत कॉलेज परिसर में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को एक से डेढ़ एकड़ भूमि तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी.
strong room: जमीन के आकार और उपलब्धता को लेकर निर्देश
जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, चिह्नित की जाने वाली भूमि का आकार कम से कम 288 फीट लंबा और 200 फीट चौड़ा होना अनिवार्य किया गया है. सभी संबंधित अधिकारियों को इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है, ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सके. इसके अलावा, भूमि की उपलब्धता की रिपोर्ट सीधे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति और राजभवन दोनों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं.
अलग परीक्षा भवन की जरूरत क्यों पड़ी
हाल ही में आयोजित कुलपतियों की एक उच्च स्तरीय बैठक में यह बात प्रमुखता से सामने आई थी कि बोर्ड और विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं एक ही समय पर आयोजित होने के कारण सामान्य पठन-पाठन का कार्य बुरी तरह प्रभावित होता है. इसी गंभीर समस्या का एक स्थायी समाधान निकालने के लिए अलग से आधुनिक परीक्षा भवन बनाने की सख्त जरूरत महसूस की गई थी, जिससे छात्रों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए.
स्वामित्व और प्रबंधन को लेकर स्पष्ट रूपरेखा
इस नई व्यवस्था के तहत जमीन का मालिकाना हक संबंधित विश्वविद्यालय के पास ही सुरक्षित रहेगा, जबकि उस जमीन पर बनने वाले भव्य भवन का स्वामित्व पूरी तरह से बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का होगा. भवन निर्माण पर आने वाला सारा खर्च बोर्ड द्वारा उठाया जाएगा. इनके सुचारू संचालन के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा.
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