Kanti Revenue Officer Action: मुजफ्फरपुर जिले के कांटी अंचल कार्यालय में प्रशासनिक कसावट और जनप्रतिनिधियों के तीखे तेवरों के बीच भ्रष्टाचार और मनमानी का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है. कांटी विधायक की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व अधिकारी बसंत कुमार राय पर दाखिल-खारिज के नाम पर अवैध वसूली करने, महत्वपूर्ण फाइलों को बेवजह दबाए रखने और बिना सुनवाई मनमाने तरीके से आवेदनों को खारिज करने के गंभीर आरोप लगे. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित प्रशासनिक कदम उठाते हुए राजस्व अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है और उन्हें जिला भूमि सुधार प्रशाखा, मुजफ्फरपुर में संबद्ध कर दिया है.
विधायक की बैठक में फूटा जनता का आक्रोश, 60 हजार घूस का आरोप
जानकारी के अनुसार, बीते 15 सितंबर को कांटी प्रखंड सभागार में आपूर्ति, राजस्व और अन्य लोक सेवाओं से जुड़े मुद्दों की समीक्षा को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई थी. इस दौरान कई परिवादियों ने जनप्रतिनिधियों के सामने उपस्थित होकर सीधे तौर पर राजस्व अधिकारी बसंत कुमार राय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए. फरियादियों का सीधा आरोप था कि जमीन के कागजात दुरुस्त करने और दाखिल-खारिज की स्वीकृति देने के एवज में निजी चालकों और बिचौलियों के नेटवर्क के जरिए मोटी रकम की मांग की जाती है. बैठक में बिना सुनवाई आवेदन निरस्त करने और निजी चालक के माध्यम से 60,000 रुपये रिश्वत लेने का सनसनीखेज आरोप सामने आया.
80 से अधिक मामले 75 दिनों से लंबित, सीओ ने भेजी विस्तृत रिपोर्ट
इस हंगामे और जनशिकायतों के बाद कांटी अंचल अधिकारी ने पूरे मामले की प्राथमिक जांच कर विस्तृत रिपोर्ट जिला पदाधिकारी मुजफ्फरपुर को सौंपी. अंचल अधिकारी की रिपोर्ट (पत्रांक-3245) के अनुसार, कार्यालय में 80 से अधिक दाखिल-खारिज के मामले 75 दिनों से और 5 मामले 120 दिनों से अधिक समय से बिना किसी वैध कारण के लंबित पाए गए. रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया कि उच्चाधिकारियों द्वारा बार-बार दिशा-निर्देश दिए जाने के बावजूद राजस्व अधिकारी द्वारा इन फाइलों का निष्पादन जानबूझकर लटकाया जा रहा था, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था.
अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में बनी जांच कमेटी, अंचल में हड़कंप
सीओ की गंभीर रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए मुजफ्फरपुर समाहरणालय द्वारा कार्यालय आदेश (पत्रांक-8308) जारी कर सख्त कदम उठाया गया. आदेश के तहत अपर समाहर्ता, मुजफ्फरपुर की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर दी गई है. यह समिति राजस्व अधिकारी के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोपों, लंबित संचिकाओं और वित्तीय लेन-देन के मामलों की बिंदुवार और साक्ष्य आधारित जांच करेगी. जब तक जांच समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंप देती, तब तक बसंत कुमार राय को अंचल से दूर जिला मुख्यालय में संबद्ध रखा गया है. जिला प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई के बाद कांटी प्रखंड और अंचल कार्यालय के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है.
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