जनगणना डेटा सत्यापन: भारत जनगणना 2027 के तहत बिहार में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (DCHB) तैयार करने के लिए फील्ड वर्क पूरा कर लिया गया है. अब जुटाए गए आंकड़ों की गुणवत्ता और सटीकता जांचने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार ने सभी ग्रामीण एवं नगरीय चार्ज अधिकारियों को सरकारी स्रोतों से आंकड़ों का सत्यापन करने के विस्तृत निर्देश दिए हैं. ग्रामीण इलाकों में राजस्व ग्रामवार और शहरी क्षेत्रों में नगरवार डेटा का मिलान संबंधित सरकारी विभागों के रिकॉर्ड से किया जाएगा. किसी भी विसंगति पर दोबारा सत्यापन होगा. साथ ही 2011 के आंकड़ों से तुलना कर बदलावों को भी परखा जाएगा.
इन प्रमुख विभागों के आंकड़ों से होगी जांच
- ग्रामीण क्षेत्र: शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत, पीएचईडी, मनरेगा, डाक, परिवहन, बैंकिंग, सहकारिता, आईसीडीएस, राजस्व, सिंचाई, कृषि, ऊर्जा और सांख्यिकी विभाग.
- नगरीय क्षेत्र: नगर निकाय, मौसम, अग्निशमन, समाज कल्याण, खेल, औषधि नियंत्रक, परिवहन, स्वास्थ्य एवं महिला व बाल विकास विभाग.
सत्यापन के लिए मुख्य बिंदु
अधिकारियों को डेटा जांच के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं:
- बेचिरागी (निर्जन) गांवों और हैमलेट की मौजूदगी का सत्यापन.
- कॉलेज, ओपन यूनिवर्सिटी और गैर-औपचारिक प्रशिक्षण केंद्रों की पड़ताल.
- वेलनेस सेंटर, एंबुलेंस, पशु मोबाइल वैन और आंगनबाड़ी केंद्रों की वास्तविक गिनती.
- गांवों में ई-लाउंज, एटीएम, स्वयं सहायता समूह और स्ट्रीट लाइट प्वाइंट्स की पुष्टि.
- भौगोलिक क्षेत्रफल के लिए प्रमाणित राजस्व रिकॉर्ड का अनिवार्य उपयोग.
आधिकारिक स्रोत दर्ज करना अनिवार्य
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट में सूचना के स्रोत का नाम दर्ज करना जरूरी होगा. स्रोत के रूप में केवल संबंधित सरकारी विभाग या अधिकृत कार्यालय का नाम ही मान्य होगा. जनता या जनप्रतिनिधियों के अनौपचारिक बयानों को स्रोत नहीं माना जाएगा. विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए यह डेटा अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए पूर्ण जांच के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा.
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