मुजफ्फरपुर से विनय कुमार की रिपोर्ट
Bihar Board APAAR ID Mandatory: बिहार में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के रजिस्ट्रेशन को लेकर शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया है. अब परीक्षा फॉर्म भरने या पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के दौरान छात्रों के लिए ‘अपार आईडी’ (APAAR ID) देना अनिवार्य कर दिया गया है. स्कूल शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को पत्र भेजकर सख्त निर्देश जारी किए हैं. नए नियम के मुताबिक, सभी स्कूलों को अपने सही यूडायस (UDISE) कोड के साथ प्रत्येक छात्र-छात्रा की अपार आईडी अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी. इसके बिना रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी और छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे. अपार कार्ड बनाने के लिए अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है.
जिले के 16 हजार बोर्ड परीक्षार्थियों के पास नहीं है अपार कार्ड, मुशहरी में सबसे ज्यादा पेंडिंग
मुजफ्फरपुर जिले में करीब 16 हजार ऐसे छात्र हैं जो अगले वर्ष मैट्रिक या इंटर की परीक्षा देने वाले हैं, लेकिन उनके पास अब तक अपार कार्ड नहीं है. अगर पूरे जिले के सरकारी स्कूलों की बात करें, तो विभिन्न कक्षाओं में कुल 8,26,680 बच्चे नामांकित हैं, जिनमें से 1,71,141 बच्चों का अपार कार्ड अभी तक नहीं बन पाया है. इस शिथिलता पर सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई है. जिले के मुशहरी प्रखंड में सबसे अधिक बच्चों का अपार कार्ड पेंडिंग है. इस स्थिति से निपटने के लिए शिक्षा विभाग ने सूबे के सभी सरकारी स्कूलों को 9 दिनों का समय दिया है, जिसमें ‘मेगा अपार कैंप’ लगाकर शत-प्रतिशत बच्चों का कार्ड बनाया जाएगा.
प्रखंडवार आंकड़े: जानिए किस प्रखंड में कितने बच्चों का अपार कार्ड है लंबित
- मुशहरी – 39,171
- सकरा – 13,236
- मोतीपुर – 17,406
- कुढ़नी – 18,298
- बंदरा – 4,461
- गायघाट – 7,615
- मीनापुर – 11,310
- औराई – 7,677
- पारू – 10,524
- कटरा – 6,007
- कांटी – 7,473
- साहेबगंज – 6,754
- सरैया – 8,947
- मड़वन – 4,178
- बोचहां – 6,427
- मुरौल – 1,657
