मुजफ्फरपुर दिल्ली गिरफ्तारी: दिल्ली की नबी करीम थाने की पुलिस ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर लंबे समय से फरार चल रहे आरोपित मनीष राय उर्फ मनीष यादव को गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने स्थानीय बरियारपुर थाना क्षेत्र के मरुआहां इलाके से उसे दबोचने में सफलता पाई. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपित को मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में पेश किया, जहां से न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को आरोपित की 30 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी.
तीस हजारी कोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुआ था केस
तीस हजारी कोर्ट के न्यायाधीश के सख्त निर्देश के बाद 21 सितंबर 2023 को आरोपित मनीष राय के खिलाफ दिल्ली के नबी करीम थाने में कानूनी मामला दर्ज कराया गया था:
- गिरफ्तारी से बचने के हथकंडे: प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही आरोपित पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार अपने ठिकाने और आवासीय पते बदल रहा था.
- सहयोग न करने पर चार्जशीट: जांच में असहयोग करने, भ्रामक बयान देने और गलत जानकारी पेश करने के कारण जांच अधिकारी ने उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी.
गलत पते बताकर पुलिस को करता रहा गुमराह
जांच अधिकारी की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित ने पुलिस जांच टीम को भटकाने के लिए सुनियोजित चाल चली थी:
- दिल्ली ठिकाना: पुलिस टीम ने जब दिल्ली के बिजवासन स्थित आरोपित के बताए ठिकानों पर दबिश दी, तो वहां से कोई सुराग नहीं मिला.
- गांव में पड़ताल: इसके बाद मुजफ्फरपुर स्थित उसके पैतृक गांव मोहम्मदपुर (वाया कटेसर) में गहराई से छानबीन की गई.
- पहचान छुपाने का प्रयास: गांव के स्थानीय निवासियों और तत्कालीन मुखिया ने पूछताछ में स्पष्ट बताया कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति वहां नहीं रहता है.
लगातार चकमा दे रहे आरोपित की सटीक लोकेशन मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने जाल बिछाकर उसे मरुआहां से धर दबोचा. अब ट्रांजिट रिमांड पर उसे पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा है.
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