तिरहुत नहर सुदृढ़ीकरण कार्य में अनियमितता का आरोप, मुख्य अभियंता से जांच की मांग
तिरहुत नहर सुदृढ़ीकरण कार्य में अनियमितता का आरोप, मुख्य अभियंता से जांच की मांग
::: पूर्व जिला परिषद सदस्य सहित कई ग्रामीणों ने मुख्य अभियंता को लिखा पत्र
:: कहा- पेटी कॉन्ट्रैक्टर्स के माध्यम से काम कराने के कारण प्रभावित हो रही गुणवत्ता
वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर
तिरहुत नहर में चल रहे पुनर्स्थापन और बांध सुदृढ़ीकरण कार्य की गुणवत्ता को लेकर क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में गहरा असंतोष है. पूर्व जिला परिषद सदस्य मुक्तेश्वर मुकेश सहित अन्य ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र भेजकर कार्य में हो रही अनियमितता की जांच और निर्माण कार्यों में सुधार की मांग की है. मुख्य अभियंता को सौंपे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि नहर के पुनर्स्थापन कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है.ग्रामीणों का कहना है कि नहर की पेटी में लगी पुरानी ईंटों को ही उखाड़कर दोबारा सोलिंग की जा रही है. ढलाई कार्य में प्रयुक्त सामग्री अत्यंत निम्न स्तर की है, जिससे भविष्य में इसके टिकाऊपन पर प्रश्नचिह्न लग रहा है. नहर के बांधों पर बाहर से लाई जा रही मिट्टी में बालू की मात्रा अधिक है, जो सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है. जिस निर्माण एजेंसी को कार्य आवंटित किया गया है. वह खुद कार्य नहीं कर पेटी कॉन्ट्रैक्टर्स के माध्यम से कराया जा रहा है. इस कारण कार्य की गुणवत्ता और जवाबदेही दोनों प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों ने विभाग से कहा है कि नहर सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ पुराने साइफन और पुलों की मरम्मत नितांत आवश्यक है. आबादी वाले क्षेत्रों में नहर किनारे सीढ़ी घाट और आवश्यक क्रॉस ड्रेनेज कार्यों का प्रावधान करने का अनुरोध किया गया है. ताकि, सिंचाई के साथ-साथ आम जन को भी सुविधा मिल सके.
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