मुजफ्फरपुर पुलिस अलर्ट: जिले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) के एडीजी पारस नाथ की ऑनलाइन क्राइम समीक्षा बैठक के दौरान पारू थानेदार आशुतोष कुमार शुक्ला की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है. एडीजी के निर्देश पर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने थानेदार से निलंबन के बिंदु पर स्पष्टीकरण मांगा है. वहीं, संतोषजनक प्रदर्शन नहीं करने पर करजा और मोतीपुर थानेदारों को भी कड़ी फटकार लगी है.
दो साल पुराना आंकड़ा देखकर एडीजी हुए नाराज
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम एडीजी तिरहुत रेंज के सभी जिलों के थानेदारों के साथ लंबित मामलों और गिरफ्तारी की समीक्षा कर रहे थे. इसी दौरान पारू थानेदार ने अपने क्षेत्र से जुड़े मामलों का ब्योरा पेश किया.
एडीजी ने जब बैठक में दिए गए आंकड़ों का मिलान कराया तो पता चला कि प्रस्तुत आंकड़े वर्ष 2024 के थे. यानी थाने की ओर से करीब दो साल पुराना डेटा पेश किया गया था. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए एडीजी ने नाराजगी जताई और एसएसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए.
ऑनलाइन मीटिंग में माइक भी बना परेशानी की वजह
बैठक के दौरान पारू थानेदार से एक और बड़ी चूक हुई. उनका मोबाइल माइक ऑन रह गया और इसी दौरान उनके द्वारा कुछ अनुशासनहीनता वाली बातें कही जाने लगीं. आवाज ऑनलाइन बैठक में जुड़े एडीजी समेत जिले के अन्य पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गई.
इस घटना के बाद बैठक का अनुशासन भंग होने को लेकर एडीजी ने तत्काल एसएसपी को कार्रवाई का निर्देश दिया. इसके बाद थानेदार से निलंबन के बिंदु पर स्पष्टीकरण मांगा गया है.
संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो हो सकता है निलंबन
एसएसपी की ओर से जारी स्पष्टीकरण में थानेदार से जवाब मांगा गया है. अब उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. पुलिस महकमे में इसे गंभीर अनुशासनात्मक मामला माना जा रहा है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में निलंबन की कार्रवाई हो सकती है.
एडीजी पारस नाथ ने बताया कि राज्य के उन टॉप पांच जिलों में, जहां लंबित मामलों की संख्या अधिक है, वहां के थानेदारों के साथ क्राइम समीक्षा की जा रही है. मुजफ्फरपुर की समीक्षा के दौरान दो थानेदारों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई.
करजा और मोतीपुर थानेदारों को भी अल्टीमेटम
समीक्षा के दौरान करजा और मोतीपुर थानेदारों को भी कड़ी फटकार लगाई गई. आर्म्स एक्ट, शराब कांड, वारंट और कुर्की से जुड़े मामलों में धीमी प्रगति पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई.
एडीजी ने संबंधित थानेदारों को 48 घंटे के भीतर स्थिति में सुधार कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है. इस कार्रवाई के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे में लंबित मामलों के निपटारे और गिरफ्तारी की कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ गया है.
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