Aaj Ka Darshan: उत्तर बिहार के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा गरीबनाथ मंदिर में बुधवार, 3 जून 2026 को सुबह से ही श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा. ज्येष्ठ महीने की गर्मी के बीच बाबा के दर्शन के लिए सुबह से ही कतारें लग गईं. आज सुबह बाबा गरीबनाथ का विशेष षोड्शोपचार पूजन कर अलौकिक शृंगार किया गया, जिसके दर्शन पाकर भक्त निहाल हो गए. मंदिर परिसर में घंटों और घड़ियालों की ध्वनि के साथ लगातार हो रहे जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो गया है.
श्रद्धालुओं की सुविधा और दर्शन के समय प्रबंधन के लिए बुधवार का पूरा सेवा शेड्यूल नीचे दिया जा रहा है.
बाबा गरीबनाथ मंदिर: बुधवार का पूरा समय सारणी (Temple Schedule Table)
3 जून को बाबा के पूजन, कपाट बंद होने और शाम की आरती का प्रामाणिक समय इस प्रकार है:
| समय और पाली (Shift & Timings) | धार्मिक गतिविधि और अनुष्ठान का विवरण (Ritual Details) |
|---|---|
| सुबह (Early Morning) | बाबा का महास्नान, षोड्शोपचार पूजन, गेंदा-गुलाब से शृंगार और जलाभिषेक की शुरुआत. |
| दोपहर (Afternoon) | प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक द्वारा विशेष पूजा-आरती और बाबा के शयन के लिए कपाट बंदी. |
| शाम 04:00 बजे | आम भक्तों के दर्शन के लिए गर्भगृह के कपाट दोबारा खोले जाएंगे. |
| शाम 04:00 से रात 09:00 बजे | श्रद्धालुओं द्वारा अनवरत दर्शन, पूजन और कीर्तन-आराधना. |
| रात 09:00 बजे | प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक व पं. बैजू पाठक द्वारा प्रधान महाआरती और कपाट बंदी. |
सुबह का महाशृंगार और पंचामृत स्नान
बुधवार की अलसुबह बाबा गरीबनाथ धाम में विशेष पूजा का आयोजन किया गया. मंदिर के सेवइत परिवार के विद्वान पुरोहित पं. बच्चा पाठक के सानिध्य में बाबा को दूध, दही, घी, शक्कर और शहद (पंचामृत) से पारंपरिक महास्नान कराया गया. इसके पश्चात, बाबा का गेंदा, गुलाब, बेला के सुगंधित पुष्पों और विशेष बेलपत्र से अलौकिक शृंगार किया गया. गर्भगृह के बाहर से श्रद्धालुओं ने बाबा के इस दिव्य रूप के दर्शन किए. पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बाबा गरीबनाथ की जय’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा. आरती संपन्न होने के बाद भक्तों ने कतारबद्ध होकर शांतिपूर्ण तरीके से जलाभिषेक शुरू किया, जो अनवरत जारी रहा.
रुद्राभिषेक और सत्यनारायण कथा का लगा रहा तांता
विशेष धार्मिक अनुष्ठान: आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की इस तिथि पर बाबा के दरबार में अपनी मन्नतें पूरी होने पर कई परिवारों ने रुद्राभिषेक पूजन का संकल्प लिया. इसके साथ ही, सुबह से ही मंदिर प्रांगण के विभिन्न हिस्सों में भगवान सत्यनारायण की सामूहिक कथा और पूजा कराने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. भक्तगण ताली कीर्तन कर बाबा की आराधना में लीन दिखे.
दोपहर का शयन और रात्रि की भव्य प्रधान आरती
मध्याह्न के समय मंदिर के प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक द्वारा बाबा की विशेष दोपहर पूजा और आरती संपन्न की जाएगी. इस विधान के ठीक बाद बाबा के विश्राम (शयन) के लिए गर्भगृह का कपाट बंद कर दिया जाएगा. दोपहर की भीषण तपिश और उमस को देखते हुए यह समय भक्तों के लिए विश्राम का रहेगा. इसके बाद शाम ठीक चार बजे गर्भगृह के कपाट दोबारा खोले जाएंगे, जिसके बाद से ही दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है. रात्रि नौ बजे मंदिर के प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक और पं. बैजू पाठक द्वारा संयुक्त रूप से बाबा की भव्य प्रधान आरती उतारी जाएगी, जिसके बाद बुधवार के दर्शन का क्रम संपन्न होगा और कपाट बंद कर दिए जाएंगे.
