Aaj Ka Darshan: उत्तर बिहार के ऐतिहासिक और लोक आस्था के प्रमुख केंद्र बाबा गरीबनाथ मंदिर में मंगलवार, 2 जून 2026 को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है. सुबह से ही पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बाबा गरीबनाथ की जय’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा. आज सुबह बाबा का विशेष षोड्शोपचार पूजन कर उनका भव्य फूलों से श्रृंगार किया गया, जिसके बाद जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया.
यदि आप भी आज बाबा गरीबनाथ के दर्शन या मंदिर में किसी धार्मिक अनुष्ठान के लिए जाने की योजना बना रहे हैं, तो कपाट खुलने, बंद होने और आरती के समय का पूरा ब्योरा अवश्य नोट कर लें.
बाबा गरीबनाथ मंदिर: 2 जून का संपूर्ण समय चार्ट (Aarti & Darshan Timings)
मंगलवार को मंदिर प्रशासन और पुजारियों द्वारा निर्धारित की गई दैनिक समय सारणी नीचे दी गई तालिका में व्यवस्थित की गई है:
| समय (Scheduled Time) | धार्मिक अनुष्ठान / गतिविधि (Ritual & Activity) | मुख्य विवरण (Key Details) |
|---|---|---|
| सुबह 05:00 बजे | षोड्शोपचार पूजन एवं मंगला आरती | सेवइत परिवार के पं. बच्चा पाठक द्वारा संपन्न. |
| सुबह से दोपहर तक | आम भक्तों का जलाभिषेक और पूजन | शंखों और घंटों की ध्वनि के बीच निरंतर जल अर्पण. |
| दोपहर 02:30 बजे | दोपहर की विशेष पूजा एवं आरती | प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक द्वारा की जाएगी. |
| दोपहर 02:30 से शाम 04:00 बजे | गर्भ गृह के कपाट बंद (शयन काल) | दोपहर की आरती के बाद बाबा के शयन के लिए कपाट बंद रहेंगे. |
| शाम 04:00 से रात्रि 09:00 बजे | भक्तों के लिए पुनः पट खुलेंगे | शाम को आम दर्शन और पूजन के लिए कपाट खोले जाएंगे. |
| रात्रि 09:30 बजे | प्रधान आरती एवं कपाट बंदी | प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक द्वारा अंतिम पूजा के बाद कपाट बंद होंगे. |
सुबह की पूजा और बाबा का भव्य अलौकिक श्रृंगार
मंगलवार की अलसुबह से ही मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया:
- षोड्शोपचार पूजन: सुबह ठीक पांच बजे सेवइत परिवार के पं. बच्चा पाठक ने बाबा का विधि-विधान तरीके से षोड्शोपचार पूजन संपन्न किया.
- फूलों से सजा दरबार: पूजा के उपरांत बाबा गरीबनाथ का बेलपत्र, गेंदा, गुलाब और बेला के सुगंधित फूलों से अत्यंत आकर्षक श्रृंगार किया गया.
- मंगला आरती की गूंज: श्रृंगार पूरा होते ही उपस्थित भक्तों की मौजूदगी में मंगला आरती शुरू हुई, जिसके दौरान पूरा मंदिर परिसर शंखनाद और घंटों की पवित्र ध्वनि से गूंज उठा.
परिसर में रुद्राभिषेक, सत्यनारायण कथा और मुंडन की धूम
सदर शहर के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण इलाकों से पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण मंदिर परिसर में आज उत्सव जैसा माहौल देखा जा रहा है:
- सत्यनारायण पूजा: मुख्य मंदिर परिसर के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान सत्यनारायण की सामूहिक व व्यक्तिगत पूजा और कथा का आयोजन कराया.
- रुद्राभिषेक और मुंडन: बाबा को प्रसन्न करने के लिए कई यजमानों द्वारा विशेष रुद्राभिषेक कराया जा रहा है. इसके साथ ही, आज मंगलवार का शुभ संयोग होने के कारण बड़ी संख्या में परिजनों ने अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी मंदिर में संपन्न कराया.
श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
कपाट बंद रहने का समय नोट करें: दोपहर 02:30 बजे प्रधान पुजारी की पूजा के बाद बाबा के शयन के लिए गर्भ गृह का कपाट बंद कर दिया जाएगा. इसके बाद शाम 04:00 बजे से ही भक्तों को पुनः प्रवेश मिलेगा. रात्रि 09:00 बजे तक ही आम भक्त दर्शन और पूजन कर सकेंगे, क्योंकि उसके बाद रात्रि 09:30 बजे अंतिम प्रधान आरती कर कपाट पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे. अत्यधिक गर्मी को देखते हुए कतार में खड़े होने वाले श्रद्धालु अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें.
