Aaj Ka Darshan: मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर में मंगलवार 16 जून को जलाभिषेक और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. सुबह से ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बाबा गरीबनाथ के जयघोष से गूंजता रहा. भक्तों ने बाबा का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.
मंदिर प्रशासन के अनुसार सुबह की पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को बैरिकेडिंग के माध्यम से गर्भगृह तक पहुंचाकर जलाभिषेक कराया गया.
विधि-विधान से हुई बाबा की पूजा
मंदिर के सेवइत परिवार के पंडित बच्चा पाठक ने प्रातःकाल बाबा गरीबनाथ की षोड्शोपचार विधि से पूजा-अर्चना की. पूजा के दौरान बाबा को दूध, दही, घी, गंगाजल और शहद से स्नान कराया गया.
इसके बाद गेंदा की माला, गुलाब, बेला और बेलपत्र से बाबा का विशेष शृंगार किया गया. शृंगार के उपरांत मंगला आरती संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया.
जलाभिषेक के लिए लगी लंबी कतार
मंगला आरती समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के लिए प्रवेश दिया गया. मंदिर के बाहर सुबह से ही लंबी कतार लगी रही. भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ बाबा का जलाभिषेक किया.
कई परिवारों ने मंदिर परिसर में पुरोहितों के माध्यम से रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना भी कराई.
दिनभर जारी रहेगा दर्शन-पूजन
मंदिर की दैनिक व्यवस्था के अनुसार दोपहर ढाई बजे प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक द्वारा विशेष पूजा और आरती की जाएगी. इसके बाद बाबा के शयन के लिए गर्भगृह का पट बंद कर दिया जाएगा.
शाम चार बजे पुनः गर्भगृह खोला जाएगा, जिसके बाद श्रद्धालु दर्शन और पूजा कर सकेंगे. रात्रि नौ बजे तक दर्शन का क्रम जारी रहेगा.
रात्रि में होगी प्रधान आरती
रात्रि साढ़े नौ बजे पंडित बैजू पाठक द्वारा बाबा की पूजा और प्रधान आरती संपन्न की जाएगी. इसके बाद मंदिर का गर्भगृह बंद कर दिया जाएगा.
एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | बाबा गरीबनाथ मंदिर, मुजफ्फरपुर |
| तिथि | 16 जून 2026 |
| मुख्य आयोजन | जलाभिषेक एवं विशेष पूजा |
| सुबह की पूजा | पं. बच्चा पाठक |
| दोपहर आरती | पं. विनय पाठक |
| रात्रि प्रधान आरती | पं. बैजू पाठक |
| विशेष शृंगार | गेंदा, गुलाब, बेला और बेलपत्र |
आज की प्रमुख बातें
- गरीबनाथ मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही.
- बाबा का दूध, दही, घी, गंगाजल और शहद से अभिषेक किया गया.
- गेंदा, गुलाब, बेला और बेलपत्र से विशेष शृंगार किया गया.
- जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए लंबी कतार लगी रही.
- रात्रि साढ़े नौ बजे प्रधान आरती के बाद गर्भगृह बंद किया जाएगा.
