गरीबनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

A flood of faith swelled in Garibnath temple

रात्रि 12 बजे से बढ़नी शुरू हुई कांवरियों की भीड़गेरुआ रंग से पट गया कांवरियां मार्ग, बोल बम का उद्घोष कर आगे बढ़ते रहे कांवरिये

भीड़ अधिक होने पर कई जगहों पर कांवरियों को रोका गया

फोटो –

उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर

सावन की दूसरी सोमवार पर रविवार की रात्रि 12 बजे से गरीबनाथ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. बाबा को जलाभिषेक करने के लिये कांवरियों की भीड़ इतनी अधिक थी कि सेवा दलों और पुलिस बलों को संभालना मुश्किल हो रहा था. अधोरिया बाजार से लगातार बढ़ते कांवरियों के जत्थे से कांवरिया मार्ग गेरुए रंग से पट गया था. हर तरफ कांवरियों का हुजूम. बोल बम और हर-हर महादेव का उद्घोष करते कांवरियें लगातार आगे बढ़ रहे थे. कांवरिया मार्ग में बाबा के भजनों से उनके अंदर एक नयी ऊर्जा का संचार हो रहा था. जैसे-जैेसे रात बढ़ रही थी, कावंरियों की भीड़ भी बढ़ती जा रही थी. छोटी कल्याणी चौक से कांवरियों को बैरिकेडिंग से आगे बढ़ाया जा रहा था. महिला और पुरुष कांवरिये अलग-अलग पंक्तियों में आगे बढ़ रहे थे. भीड़ अधिक होने पर कांवरियों को छोटी कल्याणी और पुरानी बाजार चौक पर रोका जा रहा था. डाक कांवरियों के लिये बैरिकेडिंग के बगल से रास्ता दिया गया था. वे बिना रुके आगे बढ़ रहे थे. यह सिलसिला लगातार चलता रहा. गरीबनाथ मंदिर के पास कांवरियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिये काफी संख्या में सेवा दल के सदस्य और पुलिस बल तैनात थे.

करीब 2500 सदस्यों ने की कांवरियों की सेवा

अघोरिया बाजार से गरीबनाथ मंदिर, छाता बाजार और टावर तक करीब 2500 सदस्यों ने कांवरियों की सेवा की. सभी सेवा दलों के सदस्य ड्रेस कोड में निर्धारित रूट पर तैनात थे. कांवरियों को किसी तरह की असुविधा नहीं हो, इसका ख्याल रख रहे थे. रास्ते में कोई लाचार कांवरिया दिखता तो उसे सहारा देकर मंदिर तक पहुंचा रहे थे. सेवा दल के महिला और पुरुष सदस्य रास्ते में कांवरियों की सेवा भी कर रहे थे. मेडिकल कैंप में कई सदस्य कांवरियों का पैर दबाने और उनके पैरों में मरहम-पट्टी करने में सहयोग कर रहे थे. उनके लिये गर्म पानी, ठंडा पानी, शरबत, चाय लेकर सेवा दल के कई सदस्य सड़क पर खड़े थे. कांवरियों को उनकी इच्छा के अनुसार पेय पदार्थ दिया जा रहा था. स्वयंसेवी संगठनों की ओर से सड़कों पर पानी का छिड़काव किया गया था. कई जगहों पर मैट भी बिछाया गया था, जिससे कांवरियों को चलने में किसी तरह की परेशानी नही हो.

एलइडी पर जलाभिषेक का लाइव प्रसारण

कांवरियों ने गरीबनाथ मंंदिर के बाहर लगे अरघे में जलाभिषेक किया. यहां एक बड़ा-सा एलइडी स्क्रीन लगाया गया था, जिसमें गर्भ गृह में जलाभिषेक का लाइव प्रसारण हो रहा था. अरघा में जल चढ़ाते समय कांवरिये बाबा पर जलाभिषेक का दर्शन भी किया. मंदिर के प्रधान पुजारी पं.विनय पाठक मंदिर के बाहर कांवरियों को व्यवस्थित तरीके से जलाभिषेक करने को कह रहे थे. अरघा के माध्यम से बाबा तक जल सुरक्षित पहुंचे, इसके लिये अरघा से गर्भ गृह तक पाइप के जरिये जल पहुंचाने की व्यवस्था की गयी थी. मंदिर के समीप बने पुलिस पिकेट से लगातार कांवरियों को जल्दीबाजी नहीं करे और धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए जलाभिषेक का निर्देश दिया जा रहा था. बाहर से बैरिकेडिंग के अंदर घुसने पर पूरी तरह पाबंदी रही. पुलिस प्रशासन की टीम और सेवादलों के सदस्य इस पर निगरानी रख रहे थे

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शिव भजनों की प्रस्तुति पर झूम उठे कांवरिये

पर्यटन व कला संस्कृति विभाग ने टेंट सिटी में किया आयोजन

फोटो – दीपक

पर्यटन व कला संस्कृति व युवा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को रामदयालु महाविद्यालय स्थिति टेंट सिटी में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसकी शुरुआत जिला कला संस्कृति पदाधिकारी सुष्मिता झा के संबोधन से हुआ. प्रथम प्रस्तुति इंदुबाला शर्मा ने शिव भजन सुधिया लेल न हमार त्रिपुरारी लहरी से हुई. इनके साथ आर्गन पर रिक्की कुमार, ढोलक पर शिब्बू कुमार, तबला पर सनातन कुमार भारती और ऑक्टोपैड पर प्रदूत कुमार थे. इसके बाद सपना राज ने बाबा लेने चलीअउ हमरो अपने नगरी की बेहतरीन प्रस्तुति दी. इनके साथ की बोर्ड पर राजनाथ ठाकुर, ऑक्टोपैड पर सौरभ कुमार शर्मा और ढोलक पर विनय कुमार थे. आशुतोष कुमार ने अपने शिव भजनों से कांवरिया भक्तों को झूमने पर विवश कर दिया. कला कुंज बिहार, हाजीपुर की शानदार प्रस्तुति रही. सीवान की नेहा बंसल ने शिव भक्तों को अपने भजनों से सराबोर कर दिया. भोला तेरे दीवाने हो गये प्रस्तुति पर कांवरिये झूम उठे. इनके साथ लालटू सिंह, चंदन सिंह और हरिशंकर ने संगत किया. अंतिम प्रस्तुति साकार कलाकृति, पटना के गायक कलाकार सत्यप्रकाश गुप्ता उर्फ सत्यम कमलापुरी की हुई. उन्होंने मोड़ भंगिया के मनाई द हे भोलेनाथ सहित अन्य शिव भजनों की प्रस्तुति की. इनके साथ आर्गन पर भवेश कुमार, ढोलक पर गुडडु कुमार, ऑक्टोपैड पर रंजन कुमार थे. संचालन और धन्यवाद ज्ञापन गोपाल फलक ने किया.

सोमवार की रात्रि आठ बजे से महाशृंगार का दर्शन

गरीबनाथ मंदिर में अब सावन के प्रत्येक सोमवार को भक्त रात्रि आठ बजे से बाबा का मनमोहक शृंगार देख पायेंगे. इससे पहले बाबा का महाशृंगार रात्रि नौ बजे से होता था और साढ़े नौ बजे तक महाआरती के बाद मंदिर का गर्भ गृह बंद कर दिया जाता था. इस बार से यह नयी व्यवस्था की गयी है. मंदिर के प्रधान पुजारी पं.विनय पाठक ने कहा कि पहले महाशृंगार के बाद भक्तों को दर्शन के लिये बहुत कम समय मिलता था. अब रात्रि आठ बजे तक बाबा का महाशृंगार कर गर्भ गृह खोल दिया जायेगा. दो घंटे तक गर्भ गृह खुला रहेगा. इस दौरान भक्त बाबा का दर्शन कर सकते हैँ. बाबा के महाशृंगार के लिये गर्भ गृह का पट शाम सात बजे बंद कर दिया जायेगा

आज होगा बाबा का चावल से महाशृंगार

दूसरी सोमवारी पर बाबा का महाशृंगार चावल से किया जायेगा. शाम सात बजे गर्भ गृह बंद कर बाबा का महाशृंगार शुरू होगा. इससे पहले बाबा को षोड्शोपचार पूजन किया जायेगा. बाबा को दही, दूध, गंगाजल, शक्कर और घी से स्नान कर पूजा की जायेगी. इसके बाद चावल से बाबा का महाशृंगार किया जायेगा. रात्रि साढ़े नौ बजे बाबा की प्रधान आरती होगी. रात्रि दस बजे गर्भ गृह बंद कर दिया जायेगा. मंदिर के प्रधान पुजारी पं.विनय पाठक ने कहा कि महाशृंगार के बाद भक्त बाबा का दर्शन कर पायेंगे.

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Author: SANJAY KUMAR

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