कांटी के कैलाश हत्याकांड में पांच को उम्रकैद की सजा

मुजफ्फरपुर : कांटी में 22 नवंबर, 1989 को हुई हत्या के एक मामले में शनिवार को एडीजे दो प्रभाकर मिश्रा ने दोषी पाते हुए कपिल सहनी, वासुदेव सहनी, महेंद्र सहनी, अकुलू भगत व रामस्वरूप सहनी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड नहीं देने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

मुजफ्फरपुर : कांटी में 22 नवंबर, 1989 को हुई हत्या के एक मामले में शनिवार को एडीजे दो प्रभाकर मिश्रा ने दोषी पाते हुए कपिल सहनी, वासुदेव सहनी, महेंद्र सहनी, अकुलू भगत व रामस्वरूप सहनी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है.

अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी. पीड़ित पक्ष से एपीपी राजेश कुमार व बचाव पक्ष से राम सुंदर प्रसाद ने कोर्ट में बहस की. एपीपी राजेश कुमार ने बताया कि 22 नवंबर, 1989 को कांटी गोसाइपुर टोला निवासी कैलाश भगत अपने पुत्र राजेश्वर भगत व राजेंद्र भगत के साथ कांटी बाजार से सब्जी बेच कर वापस घर लौट रहे थे. रास्ते में अभियुक्तों ने मारपीट की. इसमें कैलाश भगत की मौत हो गयी. एपीपी ने बताया कि पुलिस अनुसंधान में पता चला कि प्रतिशोध में इस घटना को अंजाम दिया गया है. घटना से पूर्व में महेंद्र सहनी के पिता की हत्या हुई थी. इसमें कैलाश भगत को आरोपित बनाया गया था.
मृतक के पुत्र राजेंद्र भगत ने पुलिस को बताया था कि कांटी बाजार से लौटने के दौरान पांचों अभियुक्त ने लाठी-डंडे, फरसा-भाला से घेर लिया. फरसा से पिता कैलाश भगत गर्दन पर वार किया. इससे वे वहीं पर गिर गये़ अन्य अभियुक्तों ने भी लाठी-डंडे से उन पर ताबड़तोड़ हमला किया. इसके बाद उनकी मौत हो गयी. वहीं भाई राजेश्वर भगत समेत हम पर लाठी-डंडे से वार कर घायल कर दिया. किसी तरह बचाकर सहायता के लिए हमलोग वहां से भागे. मेरे पिता महेश सहनी के पिता के हत्या मामले में अभियुक्त थे, जो अभी न्यायालय मे चल रहा है. इसी रंजिश में महेश सहनी ने अन्य आरोपितों के मिल कर मेरे पिता कैलाश भगत की हत्या लाठी-डंडे एवं फरसे से काट कर कर दी.
एडीजे दो ने सुनाया फैसला
10-10 हजार रुपये का लगाया अर्थदंड, नहीं देने पर काटनी होगी तीन माह की अतिरिक्त सजा
– 22 नवंबर 1989 को कांटी गोसाइपुर में कैलाश भगत की हुई थी हत्या
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