Muzaffarpur : संतानों को धर्म व संस्कारों से जोड़ना माता-पिता का कर्तव्य

Muzaffarpur : संतानों को धर्म व संस्कारों से जोड़ना माता-पिता का कर्तव्य

प्रतिनिधि, गायघाट प्रखंड के जारंग स्थित बुढ़िया माई स्थान मंदिर परिसर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी़ कथा से क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया है. अयोध्या से आये कथावाचक पंडित मनीष पराशर महाराज ने सबसे पहले श्रीमद्भागवत कथा की महिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य शास्त्र है, जो धर्म, संस्कार और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देता है. उन्होंने कहा कि माता-पिता का कर्तव्य है कि वे अपनी संतानों को धर्म और संस्कारों से जोड़ें. उन्होंने युवाओं से धर्म के मार्ग पर चलकर समाज के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वह्न करने का आह्वान किया. मौके पर मुख्य यजमान मुकेश कुमार झा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं आसपास के क्षेत्रों से आये श्रद्धालु उपस्थित रहे. कथा के दौरान भजन-कीर्तन से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे. आयोजकों ने बताया कि सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जायेगा, जिसमें श्रीकृष्ण का जन्म, रासलीला, गोवर्धन पूजा सहित विभिन्न प्रसंगों का संगीतमय वर्णन किया जायेगा.

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Author: ABHAY KUMAR

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