चुनाव बाद दस दिन में हो वेतन भुगतान

चुनाव बाद दस दिन में हो वेतन भुगतान -प्राशिसं ने अधिकारियों की मनमानी पर जताया आक्रोश -प्रमंडल मुख्यालय पर हर काम में पिछड़ जा रहा विभाग संवाददाता, मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि चुनाव के बाद अगर दस दिन में वेतन निर्धारण कर भुगतान की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

चुनाव बाद दस दिन में हो वेतन भुगतान -प्राशिसं ने अधिकारियों की मनमानी पर जताया आक्रोश -प्रमंडल मुख्यालय पर हर काम में पिछड़ जा रहा विभाग संवाददाता, मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि चुनाव के बाद अगर दस दिन में वेतन निर्धारण कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं की गयी तो आंदोलन के साथ ही कार्यालय में तालाबंदी करेंगे. वेतन निर्धारण में शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों की मनमानी बताते हुए शिक्षक नेताओं ने लूट-खसोट व धन-उगाही का आरोप लगाया है. संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि पश्चिमी चंपारण के 5000, सहरसा के 2000, सुपौल के 800 व वैशाली के 500 से अधिक नियोजित शिक्षकों का वेतन निर्धारण के साथ नये वेतनमान का भुगतान हो चुका है. मुजफ्फरपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी, डीपीओ स्थापना व अधिकतर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के असहयोगात्मक रवैया, लूट-खसौट एवं वेतन निर्धारण में टाल-मटोल की नीति के कारण सरकार के स्पष्ट निर्देश के बावजूद दुर्गा पूजा जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर भी शिक्षकों को नए वेतनमान का भुगतान नहीं हो सका. संघ के उप प्रधान सचिव भूप नारायण पांडेय, कोषाध्यक्ष वैद्यनाथ पाठक, सचिव रघुवंश प्रसाद सिंह व संजय तिवारी, संयुक्त सचिव राजीव कुमार तथा कार्यालय सचिव कैलाश बिहारी मिश्र ने बताया कि जिन जिलों में शिक्षकों को नए वेतनमान का भुगतान हुआ है, वहां के जिला शिक्षा पदाधिकारी व डीपीओ स्थापना ने प्रखंड संसाधन केंद्रों में जाकर काम को गति प्रदान की है. यहां दोनों पदाधिकारियों में से किसी को शिक्षकों के वेतन निर्धारण एवं सेवा पुस्तिका संधारण की कोई चिंता नहीं है. आरोप लगाया कि दोनों अधिकारियों को केवल आर्थिक दोहन की चिंता थी. शिक्षक नेताओं ने कहा कि संघ इस बात को लेकर शर्मिंदा है कि प्रमंडल का मुख्यालय होने के बावजूद दोनों पदाधिकारियों की लाल फीताशाही के कारण यह जिला हर काम में पिछड़ता जा रहा है. चेतावनी दी कि मतदान के बाद 10 दिन के अंदर यदि सभी प्रखंडों में तिथि का निर्धारण कर कैंप द्वारा वेतन निर्धारण की प्रक्रिया पूरी नहीं की गयी, संघ दोनों पदाधिकारियों के कार्यालय में तालाबंदी करने के लिए बाध्य होगा. शिक्षक नेताओं ने डीइओ व डीपीओ स्थापना से मांग की है कि निदेशक, प्राथमिक शिक्षा के पत्र के आलोक में नियोजित शिक्षकों के वेतन निर्धारण की प्रक्रिया समय से पूरी करें.

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