शैल देवी में बसता है हिन्दुस्तान

अजीजपुर (मुजफ्फरपुर): शैल देवी में हिन्दुस्तान और यहां की सांझी विरासत बसती है. इनका नाम केवल देश में ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होना चाहिए. इन्होंने रानी लक्ष्मीबाई जैसा काम किया है. अपनी जान पर खेल कर दस लोगों की जान बचायी है. इन्हें प्रणाम करने के लिए मैं यहां आया हूं. ये बातें मुख्यमंत्री […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
अजीजपुर (मुजफ्फरपुर): शैल देवी में हिन्दुस्तान और यहां की सांझी विरासत बसती है. इनका नाम केवल देश में ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होना चाहिए. इन्होंने रानी लक्ष्मीबाई जैसा काम किया है. अपनी जान पर खेल कर दस लोगों की जान बचायी है. इन्हें प्रणाम करने के लिए मैं यहां आया हूं.

ये बातें मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने अजीतपुर गांव के पैक्स कार्यालय परिसर में शैल देवी को सम्मानित करने के दौरान कहीं. 18 जनवरी को जब उपद्रवी अजीजपुर गांव के घरों को फूंक रहे थे, तब शैल देवी ने दस लोगों की जान बचायी थी. उन्हें अपने घर में पनाह दी थी.

मुख्यमंत्री ने शैल देवी को 51 हजार का चेक, साड़ी, साल व कंबल देकर सम्मानित किया. इस दौरान उनकी समस्याओं के बारे में जाना. मुख्यमंत्री ने शैल देवी से पूछा कि आपको इंदिरा आवास मिला है? इस पर शैल देवी ने कहा, नहीं. मुख्यमंत्री ने पास खड़े डीएम अनुपम कुमार को हर हाल में शैल देवी को इंदिरा आवास मुहैय्या कराने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने उनकी दो बेटियों को पढ़ाई के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से बीस-बीस हजार रुपये देने की घोषणा भी की. मुख्यमंत्री ने इसके बाद कहा कि जो लोग इस घटना पर राजनीति करने आये हैं. उन्हें शैल देवी सबक लेना चाहिए. मुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि शैल देवी को इसलिए सम्मानित किया जा रहा है, ताकि समाज के लोगों को इससे प्रेरणा मिले. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शैल देवी के बारे में हमें मंत्री शाहिद अली खान ने बताया. इस वजह से हमने तय किया कि हम बुधवार को ही अजीजपुर जायेंगे, नहीं तो पहले हम दो दिन बाद यहां आनेवाले थे. अजीजपुर की रहनेवाली शैल देवी के पति की मौत हो चुकी है. वो किसी तरह से अपना व अपनी बेटियों का खर्च चलाती हैं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >