मुजफ्फरपुर : एनआरसी व सीएए के खिलाफ विभिन्न संगठनों की ओर से बुलाये गये भारत बंद का उत्तर बिहार में मिला-जुला असर रहा. कुछ जगहों पर छोड़कर आमतौर बंद शातिपूर्ण रहा. बंद समर्थकों ने जगह-जगह सड़क जाम किया और ट्रेनें रोकीं. इससे कुछ स्थानों पर परिचालन बाधित हुआ. बेतिया के मीना बाजार में दो गुटों के बीच झड़प हो गयी.
इस दौरान रोड़ेबाजी व शीशे के बोतल फेंके गये. इससे करीब आधा दर्जन लोग जख्मी हो गये. मौके पर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात सीओ व उनके चालक को भी पीटा गया. सूचना पर डीएम डॉ निलेश रामचंद्र देवरे, एसपी निताशा गुड़िया ने मौके पर पहुंच मोर्चा संभाला. पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया.
पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है. विवाद के बाद एहतियात के तौर पर कुछ दुकानों को शाम 6 बजे तक बंद रखने का आदेश दिया गया है. बाइक व वाहनों के आने-जाने पर रोक लगा दी गयी.
सीतामढ़ी में बंद के दौरान यातायात व्यवस्था पर व्यापक असर रहा. दरभंगा-रक्सौल रेलखंड पर दो ट्रेन व एक मालगाड़ी का परिचालन बंद रहा. बोखड़ा में बंद समर्थकों की ओर से भाउर गोहाटी चौक के समीप जबरन दुकानें बंद कराने को लेकर दो गुटों के बीच मारपीट में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये. इस दौरान बीडीओ का वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया. भाउर गोहाटी चौक समेत आसपास के इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया.
मोतिहारी में बंद समर्थक दिन भर सड़कों पर रहे और बंद को कामयाब बनाने में जुटे रहे. इस दौरान शहर के छतौनी चौक पर बंद समर्थकों व स्थानीय लोगों के बीच हल्की झड़प व नोक झोक हुई. बंद समर्थकों ने एनएच-28 सहित कई पथों को जाम किया, जिससे घंटों आवागमन प्रभावित रहा और यात्री परेशान रहे. प्रखंडों में जुलूस निकाल कर प्रदर्शन हुआ.
मधुबनी में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जगह-जगह सड़क जाम कर प्रदर्शन हुआ. बाजारों में दुकानें तो खुली रहीं लेकिन जाम रहने के कारण लोगों को परेशानी हुई. विभिन्न संगठन के सदस्यों ने बंद के समर्थन में जमकर नारेबाजी की.
