मुजफ्फरपुर : सिपाही भर्ती की परीक्षा में नकल करते गिरफ्तार धनंजय कुमार की कान से बिना डिवाइस निकलवाये पुलिस ने जेल भेज दिया. छात्र व उसके परिजन पुलिस से इलाज कराने की गुहार लगा रहे थे. न्यायालय ने जेल प्रशासन को छात्र का समुचित इलाज कराने का निर्देश दिया है.
हाईटेक चोरी के मामले को हल्के में लेने के कारण मिठनपुरा पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है. जिला स्कूल के प्रचार्य रूपक कुमार की लिखित शिकायत पर थाने में दर्ज प्राथमिकी में आइटी एक्ट की धारा नहीं लगायी गयी है. जबकि, छात्र के पास से पुलिस ने ईयर फोन बरामद किया था और ब्लूटूथ डिवाइस उसके कान में अभी तक फंसा हुआ है.
पुलिस ने कहा- कान से निकल गया डिवाइस, धनंजय कर रहा था इनकार
मिठनपुरा थाने की पुलिस सोमवार दोपहर करीब दो बजे धनंजय कुमार को लेकर कोर्ट पहुंची. वहां, मीडिया कर्मियों ने पुलिस से डिवाइस निकालने की बात पूछी, तो उनका जवाब था कि डिवाइस निकल गया. वहीं, धनंजय ने पुलिस की बातों को काटते हुए कहा कि डिवाइस अभी तक उसकी कान में ही है. डॉक्टरों ने सोमवार को एसकेएमसीएच केओपीडी में आकर डिवाइस निकालने को कहा था, लेकिन पुलिस वहां ले जाने के बजाये कोर्ट लेकर चली गयी.
पुलिस ने मोबाइल बरामदगी में नहीं दिखायी दिलचस्पी : हल्की धारा में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस गिरफ्तार परीक्षार्थी की मोबाइल बरामद करने में दिलचस्पी नहीं दिखायी. रविवार को धनंजय के पकड़ाने के बाद उसके पीठ पर टेप से साटा हुआ ईयर फोन बरामद हुआ था. स्कूल प्रशासन को आशंका था कि मोबाइल उसने कैंपस में कहीं छुपा कर रखा हो, लेकिन पुलिस दुबारा मोबाइल खोजने के लिए नहीं पहुंची.
