मुजफ्फरपुर : छात्रा को घर में घुसकर जिंदा जलाने के बाद राजा राय के दोस्त ने ही अपना नाम बदलकर उसको अस्पताल में भर्ती कराया था. उसने अस्पताल प्रबंधक को पीड़िता का अटेंडेंट बताकर अस्पताल के रजिस्टर में प्रीतम के नाम से साइन किया था.
नगर डीएसपी रामनरेश पासवान की जांच में यह स्पष्ट हुआ है. दादर स्थित निजी नर्सिंग होम में डीएसपी ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली है. इसमें दिखा है कि जिस बाइक से छात्रा काे ट्रामा सेंटर में लाया गया, उसे एक युवक चला रहा है, छात्रा काे पकड़कर पीछे एक महिला बैठी हुई है. जो छात्रा का किरायेदार था.
नगर डीएसपी ने बताया कि राजा का दाेस्त ही नाम बदलकर अस्पताल के रजिस्टर में अपना नाम लिखवाया था. जब छात्रा के पिता अस्पताल पहुंचे ताे दाेनाें वहां से कुछ देर बाद निकल भागा. फुटेज मिलने के बाद पुलिस छात्रा के घर पहुंच किरायेदाराें का बयान लिया है.
एक महिला किरायेदार ने उनको बताया है कि राजा व उसके एक साथी के साथ झुलसी छात्रा को अस्पताल ले जाने के लिए दूसरा कोई तैयार नहीं हो रहा था. उसने ही मानवता के नाते बाइक पर पीछे से पकड़कर छात्रा काे अस्पताल ले गयी थी. उसने अपने बयान में कहा है कि राजा काे ताे वह पहचानती थी.
लेकिन बाइक चला रहे उसके दाेस्त काे नहीं जानती है. बाइक पर दिख रहा दूसरा व्यक्ति छात्रा के मकान में ही रहने वाला दूसरा किरायेदार है. इसकी पत्नी ने भी पुलिस काे बयान दिया है. इसमें उसने कहा है कि राजा का हाथ जला हुआ था, इसलिए उसके पति छात्रा काे अस्पताल पहुंचाने में मदद की. शक था कि हाथ जला हाेने के कारण बाइक से भी राजा उसे गिरा सकता है.
