मुजफ्फरपुर : दिवाली के बाद से शहर की आबोहवा दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है. दिवाली के दिन यानी 27 अक्टूबर को आतिशबाजी व दीये के कारण शहर में धूलकण के छोटे कण के अलावा विषैली गैसों का अनुपात एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़कर 437 तक पहुंच गया था. इसके दूसरे दिन एक्यूआई कम होकर 227 तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद फिर यह बढ़ता गया.
दीपावली के बाद से खराब हुई मुजफ्फरपुर की हवा
मुजफ्फरपुर : दिवाली के बाद से शहर की आबोहवा दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है. दिवाली के दिन यानी 27 अक्टूबर को आतिशबाजी व दीये के कारण शहर में धूलकण के छोटे कण के अलावा विषैली गैसों का अनुपात एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़कर 437 तक पहुंच गया था. इसके दूसरे दिन एक्यूआई कम होकर 227 तक […]

इसके बाद से एक्यूआई लगातार 200 से 300 तक बना हुआ है. हवा में छोटे कण पीएम 2.5 भी बढ़े हुए हैं.साथ ही विषैली गैस भी काफी मात्रा में वायुमंडल में बनी हुई है. हवा में बढ़ते प्रदूषण से संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है.
बुजुर्ग व सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.उन्हें दवाओं की अधिक डोज लेनी पड़ रही है.पर्यावरणविद डॉ डीपी राय बताते हैं कि तापमान कम होने के कारण वायु धरती के आसपास रहती है और हवा के साथ में मौजूद प्रदूषक कण भी धरती के आसपास जमा हो जाते हैं.
साथ ही वायु की गति कम होने के कारण भी छोटे धूलकणों व गैसों का फैलना संभव नहीं हो पाता. इससे स्मॉग की स्थिति बन जाती है. इन दिनों शहर में ऐसी ही स्थिति बन रही है. मानक के अनुसार एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 तक होना चाहिए. इससे अधिक होने पर यह मनुष्य सहित सभी जीव-जंतुओं के लिए खतरा बन जाता है.