मुजफ्फरपुर : बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री में चावल-दाल के साथ इस बार चीनी व आलू भी मिलेगा. राज्य सरकार हर बाढ़ पीड़ित के पास राहत सामग्री पहुंचाने का निर्देश दिया है. जिले के सभी बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गयी है. जिला प्रशासन की ओर से रेडक्रॉस भवन में 15 हजार राहत पैकेट तैयार किये जा रहे हैं. बाढ़ पीड़ितों को दिये जा रहे सूखा राशन के पैकेट में पांच किलो चावल, एक किलो दाल, दो किलो आलू, दो पैकेट हल्दी, चीनी, ढाई किलो चूड़ा, सोयाबीन व मसाला आदि होगा. पीड़ित परिवारों के बीच जल्द वितरण किया जायेगा. डीएम आलोक रंजन घोष ने जिला नजारत उपसमाहर्ता को फूड पैकेटिंग स्थल पर पर्याप्त रोशनी एवं मजदूर के साथ अन्य व्यवस्था करने को कहा है. फूड पैकेटिंग की वीडियोग्राफी होगी. संबंधित अंचलाधिकारी को राहत वितरण के प्रतिदिन का रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है.
मुजफ्फरपुर : बाढ़ पीड़ितों को अब राहत पैकेट में चावल, आलू व चीनी, मोबाइल चार्ज कराने के लिए देने पड़ रहे 50 रुपये
मुजफ्फरपुर : बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री में चावल-दाल के साथ इस बार चीनी व आलू भी मिलेगा. राज्य सरकार हर बाढ़ पीड़ित के पास राहत सामग्री पहुंचाने का निर्देश दिया है. जिले के सभी बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गयी है. जिला प्रशासन की ओर से रेडक्रॉस भवन […]

बाढ़ से घिरे 6540 गांव 8540 परिवार प्रभावित
कटरा प्रखंड की सात पंचायतों के 24 गांव, औराई की चार पंचायतों के 15 गांव एवं गायघाट की छह पंचायतों के 25 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. इन तीनों प्रखंडों की 17 पंचायतों के कुल 64 गांव प्रभावित हैं. िजसमें कुल 8540 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं. प्रभावित इलाके में 18 शिविर और छह सामुदायिक रसोईघर चल रहे हैं. बाढ़ राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ की दो टीम काम कर रही है. बाढ़ में फंसे लोगों को लगातार रेस्क्यू किया जा रहा है. डीपीआरओ कमल सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन के तमाम पदाधिकारी प्रखंडों में कैंप एवं राहत कार्य में लगे हैं. डीएम आलोक रंजन घोष स्वयं बाढ़ग्रस्त इलाकों में हालात का जायजा ले रहे हैं.
इंजीनियर नहीं छोड़ें मुख्यालय
बाढ़ सुरक्षा कार्य एवं आपदा प्रबंधन के मद्देनजर जिले सभी कार्यकारी विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता एवं जेई को किसी भी परिस्थिति में वे मुख्यालय नहीं छोड़ने को कहा गया है. आकस्मिक स्थिति में डीएम के आदेश के बाद ही मुख्यालय छोड़ सकेंगे.
पीडि़तों ने बांध पर ली शरण, राहत शिविर खुला
औराई : बागमती नदी में आई बाढ़ से विस्थापित हुए बभनगामा पश्चिमी, बाड़ा खुर्द, बडा बुजुर्ग, मधुबन प्रताप, पटोरी, चहूंटा टोला, चैनपुर, तरबन्ना, राघोपुर, महुआरा आदि गांवों के लोग बांध पर शरण लिये हुए हैं. सोमवार को वरीय उप समाहर्ता शिव शंकर प्रसाद, एसडीओ पूर्वी कुंदन कुमार, डीटीओ नजीर अहमद, प्रशिक्षु आईएएस सारंग व संजित कुमार ने बागमती के दक्षिणी तटबंध के मधुबन प्रताप, सरहंचिया व उत्तरी तटबंध के बभनगावां पश्चिम व चहुंटा टोला में राहत शिविर लगवाकर भोजन की व्यवस्था करायी. शिविर में बीडीओ सत्येंद्र कुमार यादव ने अपने हाथों से खाना पड़ोस कर पीड़ितों की सुध ली. एसडीओ कुंदन कुमार ने बताया कि स्थिति सामान्य होने तक राहत शिविर चलता रहेगा, जिसमें आंगनबाड़ी व स्कूलों के बच्चों को भी भोजन दिया जायेगा. राहत शिविर में मेडिकल कैंप व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी की गयी है, जबकि इसके सतत माॅनेटरिंग की जिम्मेदारी बीडीओ व सीओ को दी गयी है. वहीं, एडीएम शिवशंकर प्रसाद ने बताया की मौके पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम को भी सुरक्षित रखा गया है, ताकि विकट परिस्थिति में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सके. राहत शिविर चलाने में मुख्य रूप से जिला पार्षद प्रतिनिधि संजय किंकर, समाजसेवी जेयाउल इस्लाम ने सहयोग किया. सोमवार को बागमती नदी के जलस्तर में कमी होने से लोगों ने राहत की सांस ली.
मोबाइल चार्ज कराने को देने पड़ रहे 50 रुपये
कटरा : बकुची पावर ग्रिड में दूसरे दिन भी पानी जमा रहने से क्षेत्र में बिजली गुल रही. दरगाह निवासी सोमरिया देवी व कटरा निवासी रिंकु देवी का कहना है कि मोबाइल चार्ज कराने के लिए लोगों को 50 पचास रुपये देते हैं. फिर भी दुकानदार चार्ज करने से इनकार कर रहे हैं. चिकित्सा प्रभारी डॉ अनील ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी की टीम को लगायी गयी है. क्षेत्र में नजर रखी जा रही है.