औराई : करीब दस वर्षों के बाद बागमती की मुख्यधारा में गुरुवार को लोगों ने पानी देखा तो हर्ष की लहर दौड़ गयी. दरअसल बागमती तटबंध निर्माण व मुख्य धारा में गाद भरने के कारण बागमती नदी की मुख्यधारा पूरी तरह से मर चुकी थी. वहीं मुख्यधारा मृत होने के कारण बागमती के उत्तरी व दक्षिणी तटबंधों से सटे उपधारा बन गयी थी. इस कारण बाढ़ के दिनों में दोनों तटबंधों पर भारी दबाव व हमेशा कटाव की स्थिति बनी रहती थी. इससे लोगों में हमेशा बाढ़ की आशंका बनी रहती थी.
बाढ़ के समय उत्तरी व दक्षिणी तटबंध पर नहीं होगा अब पानी का दबाव, बागमती नदी की मुख्य धारा में लौटा पानी
औराई : करीब दस वर्षों के बाद बागमती की मुख्यधारा में गुरुवार को लोगों ने पानी देखा तो हर्ष की लहर दौड़ गयी. दरअसल बागमती तटबंध निर्माण व मुख्य धारा में गाद भरने के कारण बागमती नदी की मुख्यधारा पूरी तरह से मर चुकी थी. वहीं मुख्यधारा मृत होने के कारण बागमती के उत्तरी व […]

इसे लेकर जल संसाधन विभाग ने बागमती प्रमंडल के पायलट चैनल प्रोजेक्ट के तहत 24 करोड़ 41 लाख की योजना से बागमती नदी की पुराने धारा का कटौझा से लेकर कटरा प्रखंड तक जीर्णोद्धार कर पुरानी धारा में पानी लौटाने का कार्य किया है. उक्त योजना के तहत मुख्यधारा में गुरुवार को पानी देखकर प्रखंड के बेनीपुर, भरथुआ, जनार, जीवाजोर, बभनगामा, पटोरी, जोंकी, बसुआ समेत दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसानों में खुशी की लहर थी.
बसुआ गांव के आरटीआई कार्यकर्ता मणी कुमार, किसान दिनकर शाही ने बताया कि मुख्यधारा में पानी लौटने से खासकर किसानों के लिये नदी वरदान साबित होगी. समाजसेवी संजय किंकर ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्य धारा जीवंत होने से खास कर औराई व कटरा क्षेत्र के लोग बाढ़ के दिनों में खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे.