मुजफ्फरपुर/हाजीपुर : पटना के नामचीन व्यवसायी गोपाल खेमका के पुत्र सह भाजपा नेता गुंजन खेमका की हत्या मामले में विशेष पुलिस टीम ने सोमवार की देर रात कांटी थाना क्षेत्र के कलवारी गांव में छापेमारी की. गांव से होमगार्ड जवान मंजय चौधरी को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया. मंगलवार को वैशाली जिले के भगवानपुर नया थाना भवन के बंद कमरे में उससे पुलिस टीम ने पूछताछ की. बाद में खेमका के कार चालक मनोज रविदास, फैक्टरी के मैनेजर और गेट कीपर से उसकी पहचान करायी गयी. हालांकि वैशाली जिले की पुलिस इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. मंगलवार की देर शाम फिर से वैशाली जिले की पुलिस कांटी थाने के पदाधिकारी महेश कुमार के साथ गांव में पहुंची. छानबीन में पता चला कि वह पूर्व में जेल भी जा चुका है.
मोबाइल खंगाल रही पुलिस : वैशाली के एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो के नेतृत्व में एएसपी महेन्द्र कुमार बसंत्री, वैशाली पुलिस की विशेष टीम के अलावा पटना और समस्तीपुर की पुलिस 11 बजे भगवानपुर थाने पर पहुंची. होमगार्ड जवान से पूछताछ की. लगभग पांच घंटों तक सभी पुलिस पदाधिकारियों ने जांच-पड़ताल की. पुलिस टीम मंजय के मोबाइल की छानबीन कर रही है. गुंजन की हत्या के समय वह कहां पर था और उसी दिन सुबह से लेकर रात तक उससे किन किन लोगों से बातचीत हुई है.
चेक बाउंस के केस की हो रही जांच :
गांव में छानबीन करने आयी वैशाली पुलिस को जानकारी मिली है कि वह दो साल पूर्व गुंजन खेमका से जुड़ कर कार्टन का कारोबार करता था. दोनों के बीच लेन देन को लेकर मंजय पर चेक बाउंस का केस भी दर्ज होने मामला सामने आया था. हालांकि परिजनों का कहना है कि मंजय का दो साल पूर्व ही गुंजन से संपर्क टूट चुका है.गाड़ी का कारोबार करता है मंजयहोमगार्ड जवान मंजय चौधरी के पास दो-तीन गाड़ियां हैं. वह भाड़े पर गाड़ी चलवाता है. तीन भाइयों में वह मंझला है. उसका एक भाई सेना का जवान है.
यह था मामला
20 दिसंबर को हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित जेके कॉटन फैक्टरी के गेट के पास बाइक सवार एक अपराधी ने गुंजन खेमका की उस समय गोली मार कर हत्या कर दी थी, जब वह क्रेटा कार से अपने चालक के साथ पटना से फैक्टरी के गेट पर पहुंचे थे.
