मुजफ्फरपुर : एमआईटी के छात्र का अपहरण, एक लाख फिरौती लेकर 42 घंटे बाद छोड़ा

मुजफ्फरपुर : एमआईटी से एक छात्र को अगवा कर अपराधियों ने एक लाख रुपये फिरौती लेकर 42 घंटे बाद मुंगेर में छोड़ा. रविवार की शाम पीड़ित छात्र को लेकर परिजन ब्रह्मपुरा थाना पहुंचे और मामला दर्ज कराया. पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी. एमआईटी से ही पास आउट सीनियर छात्र पर अपहरण की साजिश […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
मुजफ्फरपुर : एमआईटी से एक छात्र को अगवा कर अपराधियों ने एक लाख रुपये फिरौती लेकर 42 घंटे बाद मुंगेर में छोड़ा. रविवार की शाम पीड़ित छात्र को लेकर परिजन ब्रह्मपुरा थाना पहुंचे और मामला दर्ज कराया. पुलिस मामले की छानबीन में जुट गयी. एमआईटी से ही पास आउट सीनियर छात्र पर अपहरण की साजिश रचने का आरोप है.
बीटेक कर रहे 2015 बैच सिविल ब्रांच के छात्र रंजीत कुमार को 20 दिसंबर की रात करीब एक बजे सीनियर छात्र कुमार चंद्रदेव ने हॉस्टल से बाहर बुलाया. कैंपस में स्कॉर्पियो खड़ी थी, जिसमें पहले से ही चार-पांच युवक बैठे थे. रंजीत केवल चंद्रदेव को ही पहचान सका. रंजीत ने गाड़ी में जाने से मना किया, तो चंद्रदेव ने कहा कि चलो अभी कुछ देर में लौट आयेंगे. सीनियर होने के नाते रंजीत ने बात मान ली और गाड़ी में बैठ गया.
उसे लेकर वे लोग शहर के किसी मुहल्ले में घुस गये. देर तक इधर-उधर घूमते रहे, तब तक सुबह के पांच बज गये. गाड़ी शहर के बाहर निकल चुकी थी. रंजीत ने कहा कि उसे 10 बजे से परीक्षा देने जाना है, तो चंद्रदेव ने कहा कि परीक्षा के समय तक छोड़ देगा. हालांकि, सुबह होने तक वे लोग उसे लेकर कहीं अनजान जगह पर चले गये थे.
रंजीत ने बताया कि 21 दिसंबर को सुबह में उसके पिता सहरसा के सौरबाजार खेरा निवासी रवींद्र यादव को फोन कर चंद्रदेव ने कहा कि तुम्हारे लड़के को अगवा कर लिये हैं. एक लाख रुपये दो, तो छोड़ देंगे. यह सुनकर परिजनों के होश उड़ गये. रंजीत के पिता ने शाम तक जुगाड़ करके एक लाख रुपये दे दिये, तो अपहर्ताओं ने मुंगेर के श्रवण बाजार आकर बेटे को ले जाने को कहा.
तब तक शाम हो चुकी थी. 22 दिसंबर को रवींद्र यादव दो-तीन सगे संबंधियों को लेकर मुंगेर पहुंच गये. पूरे दिन अपहर्ता उन्हें इधर-उधर घुमाते रहे. शाम करीब छह बजे मुंगेर के जमालपुर में रंजीत को छोड़कर आरोपित फरार हो गये.
एकाउंट में मांगा पैसा, बनवाया एफिडेबिट
अपहरण के आरोपी ने मामले को दूसरा रूप देने की साजिश रची थी. इसके लिये उसने फिरौती की रकम एकाउंट में मंगवाई. रंजीत के छोटे भाई गौरव ने ‘गुगल पे’ के माध्यम से 90 हजार रुपये 21 दिसंबर को शाम तक एकाउंट में डाल दिये थे. वहीं शाम को मुजफ्फरपुर में दो युवकों ने उससे मिलकर 10 हजार रुपये नकद लिये. गौरव पटना में रहकर 12वीं की पढ़ाई कर रहा है. घटना की जानकारी होने के बाद वह मुजफ्फरपुर आ गया था.
आरोपियों ने एफिडेबिट तैयार करके यह साबित करना चाहा कि रंजीत के पिता ने 2.10 लाख रुपये कर्ज लिये हैं. उस पर हस्ताक्षर करने के लिये ही रविंद्र यादव को मुंगेर बुलाया था. रविंद्र रिश्तेदारों को लेकर चले गये. वहां विवाद हुआ तो वे थाने में चले गये. इस बीच आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से रंजीत को छोड़ दिया.
कई हिस्सों में बंटकर नजर रख रहे थे अपराधी
मुंगेर पहुंचने ही रंजीत के परिजनों पर कई गुट में बंटकर अपराधी नजर रख रहे थे. ये लोग सुबह ही मुंगेर पहुंच गये, लेकिन अपराधी इधर-उधर गलियों में ही घुमाते रहे.
इसको लेकर कहासुनी हुई, तो मामला बिगड़ गया. युवक भाग निकले. इसके बाद रंजीत के परिजन नजदीक के थाने में चले गये. इस बीच कुछ देर बाद रंजीत के भाई को फोन करके युवकों ने कहा कि उसे जमालपुर के पास छोड़ दिये है. इसके बाद पुलिस बल के साथ रविंद्र मौके पर पहुंचे और बेटे को साथ लेकर आ गये.
रंजीत के मकान मालिक के साथ की थी गाली-गलौज: रंजीत कैंपस से बाहर झिटकियां में किराये का कमरा लेकर रहता है. उसके सातवें सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी. 21 दिसंबर को भी परीक्षा थी. इसके लिये वह शाम को ही हॉस्टल में चला गया था, ताकि लड़कों के साथ तैयारी कर सके. रात करीब नौ बजे आरोपी उसकी तलाश में जुट गये थे. देर रात उसके कमरे पर पहुंच गये.
मकान मालिक से जब उसके बारे में पूछा, तो वे बताने से इंकार कर दिये. इस पर गाली-गलौज करने लगे. फिर बुजुर्ग मकान मालिक ने रंजीत को फोन करके पूछा कि कहां हो. रंजीत ने बताया कि हॉस्टल में पढ़ रहा हूं. इस पर चंद्रदेव अपने सहयोगियों के साथ कैंपस में पहुंच गया और फोन करके उसे बाहर बुलाया.
एमआईटी के लिए फिर कलंक बना दिसंबर
चंद्रदेव 2013 बैच का मैकेनिकल ब्रांच का छात्र
रंजीत के पिता ने घटना के संबंध में आवेदन दिया है. अपने स्तर से मामले की जांच कर रहा हूं. साथ ही पूरे प्रकरण की जानकारी एकेयू व जिला प्रशासन के अफसरों को भी देंगे.
डॉ जेएन झा, प्राचार्य एमआईटी
स्कॉर्पियो से थे चार-पांच बदमाश
दो दिनों तक मुंगेर के जमालपुर में ले जाकर रखा था
पासआउट छात्र पर अपहरण की साजिश रचने का आरोप लगा
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