मुजफ्फरपुर : बालिका गृहकांड में बाल कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष दिलीप वर्मा ने गुरुवार को पॉस्को कोर्ट में सरेंडर कर दिया. वहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया. दिलीप वर्मा पिछले छह महीने से फरार चल रहा था. कोर्ट में उसने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि बाल संरक्षण पदाधिकारियों ने उसे फंसाया है.
दिलीप वर्मा के सरेंडर की सूचना मिलते ही सीबीआइ के अधिकारी कुमार अभिनव टीम के साथ न्यायालय पहुंचे. सूचना के अनुसार, सीबीआई दिलीप वर्मा को रिमांड पर लेने के लिए शुक्रवार को कोर्ट में अर्जी डाल सकती है.
बालिका गृहकांड में दिलीप वर्मा की गिरफ्तारी के लिए एसआइटी और सीबीआइ लगातार छापेमारी कर रही थी. सीबीआइ ने अपनी चार्जशीट में दिलीप वर्मा को फरार बताया था. चार्जशीट दाखिल होने के एक दिन बाद ही दिलीप वर्मा ने आत्मसमर्पण कर दिया. दिलीप वर्मा के सरेंडर के बाद सीबीआइ ने हाजत में उससे पूछताछ की.
