सीएफएमएस से खत्म होगी वित्तीय गड़बड़ी

मुजफ्फरपुर : सरकारी योजनाओं के लाभुकों व विकास योजनाओं का काम करने वाले संवेदकों को बिना किसी गड़बड़ी के समय पर राशि का भुगतान होगा. इसके लिए वित्त विभाग समेकित वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (सीएफएमएस) लागू करने की तैयारी में है. अगस्त से इसे सभी नगर निकायों में लागू कर दिया जायेगा. इसके बाद सरकारी योजनाओं […]

मुजफ्फरपुर : सरकारी योजनाओं के लाभुकों व विकास योजनाओं का काम करने वाले संवेदकों को बिना किसी गड़बड़ी के समय पर राशि का भुगतान होगा. इसके लिए वित्त विभाग समेकित वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (सीएफएमएस) लागू करने की तैयारी में है. अगस्त से इसे सभी नगर निकायों में लागू कर दिया जायेगा.
इसके बाद सरकारी योजनाओं की राशि को एक से दूसरे बैंक में फंड ट्रांसफर व हेराफेरी की शिकायतें खत्म हो जायेंगी. इसके लिए बुधवार को पटना में वित्त विभाग के ट्रेनिंग प्रोग्राम में मुजफ्फरपुर के नगर आयुक्त संजय दूबे के अलावा अकाउंटेंट व दो कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हुए. नगर आयुक्त ने बताया कि सीएफएमएस लागू होने के बाद तीन स्तर पर गहनता से जांच-पड़ताल कर राशि का भुगतान संभव हाेगा.
विभागों में चलनेवाली योजनाओं में जितने रुपये की जरूरत पड़ेगी, उतने ही रुपये की निकासी ट्रेजरी से हो सकेगी. योजना में खर्च के नाम पर अतिरिक्त रुपये की निकासी संभव नहीं होगी. इससे योजनाओं में वित्तीय अनियमितता की शिकायतें खत्म हो जायेंगी.
बैंकों में पड़े हैं निगम के करोड़ों रुपये
इस नयी व्यवस्था से पारदर्शिता तो बनी ही रहेगी, साथ ही काम भी पूरी गुणवत्ता के साथ सुचारू तरीके से हो सकेंगे. प्राय: यह देखा गया है कि कई विभाग योजना मद में आवंटित रुपये को निकाल लेते हैं और से बैंक खातों में जमा कर देते हैं. इससे अगर योजनाओं पर राशि खर्च नहीं हो पाती है, तो वह बैंकों के खातों में ही पड़ी रहती है.
इसका सीधा फायदा बैंकों को होता है. जांच के दौरान कुछ मामलों में बैंकों को डिपॉजिट देने के चक्कर में अधिकारियों की मिलीभगत बड़े स्तर पर पायी गयी है. नगर निगम में भी इस तरह का खेल होता है. अभी कई बैंकों में निगम के करोड़ों रुपये पड़े हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >