दलाई लामा का जन्मदिन मना भारत तिब्बत मैत्री संघ की ओर से आयोजन

मुजफ्फरपुर : भारत-तिब्बत मैत्री संघ की ओर से दलाई लामा का 83वां जन्मदिन शुक्रवार को श्रीकृष्ण जुबली लॉ कॉलेज में अमृत पर्व के रूप में मनाया गया. लोगों ने उनके दीर्घायु होने और उनके आध्यात्मिक नेतृत्व में चल रहे तिब्बत मुक्ति साधना के सफल होने की कामना की. प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार से दलाई […]

मुजफ्फरपुर : भारत-तिब्बत मैत्री संघ की ओर से दलाई लामा का 83वां जन्मदिन शुक्रवार को श्रीकृष्ण जुबली लॉ कॉलेज में अमृत पर्व के रूप में मनाया गया. लोगों ने उनके दीर्घायु होने और उनके आध्यात्मिक नेतृत्व में चल रहे तिब्बत मुक्ति साधना के सफल होने की कामना की. प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार से दलाई लामा को भारत रत्न देने की मांग की गयी.

मुख्य अतिथि भारत-तिब्बत मैत्री संघ के बिहार चैप्टर के उपाध्यक्ष डॉ हरेंद्र कुमार ने कहा कि दलाई लामा अभी दुनिया के सबसे बड़े संत है और सत्य, अहिंसा और करुणा की प्रतिमूर्ति है. कहा कि भारत सरकार चीन से व्यावसायिक संबंध बढ़ाने की होड़ में तिब्बत के सवाल को भूल सी गयी है. लेकिन भारतीय जनमानस में तिब्बत आज भी भारत की छत के रूप में विराजमान है. डॉ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि तिब्बत के सवाल पर नेहरू से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक से गलती हुई है.
आरंभ में जहां नेहरू जी ने तिब्बत पर चीन के अधिकार को माना, तो वाजपेयी जी ने भी चीन से अच्छे संबंध के चक्कर में वैसी ही गलती की. अध्यक्षता करते हुए प्रो राजनारायण राय ने कहा कि भारत के मामले में चीन हमेशा आक्रामक कूटनीति का मार्ग अपनाता रहा है. इसके बाद भी तिब्बत के सवाल पर भारत सरकार की उदासीनता समाप्त नहीं होती. डॉ हरिकिशोर प्रसाद सिंह, रणजीत कुमार, रामेश्वर साह, राम सकल सिंह आदि ने भी संबोधित किया. संचालन संघ के सचिव अरविंद वरुण व धन्यवाद ज्ञापन विनय प्रशांत ने किया.

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