मिलर पर गबन मामले की जांच में लापरवाही पर आइओ को फटकार

डीआइजी ने समीक्षा के दौरान दिये कई निर्देश मुजफ्फरपुर : प्रमादी मिलर से संबंधित दर्ज कांडों में लापरवाही बरतनेवाले आइओ को डीआइजी अनिल कुमार सिंह ने फटकार लगायी है. गुरुवार को डीआइजी रेंज के चार जिलों के डीएसपी और केस के आइओ के साथ प्रमादी मिलर से संबंधित कांडों की समीक्षा की. इस दौरान चारों […]

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डीआइजी ने समीक्षा के दौरान दिये कई निर्देश

मुजफ्फरपुर : प्रमादी मिलर से संबंधित दर्ज कांडों में लापरवाही बरतनेवाले आइओ को डीआइजी अनिल कुमार सिंह ने फटकार लगायी है. गुरुवार को डीआइजी रेंज के चार जिलों के डीएसपी और केस के आइओ के साथ प्रमादी मिलर से संबंधित कांडों की समीक्षा की. इस दौरान चारों जिलों में दर्ज एक करोड़ से कम राशि के गबन से संबंधित 46 मामलों की बिंदुवार समीक्षा की गयी. बैठक में मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर के डीएसपी और केस के आइओ उपस्थित थे.
28 बिंदुओं पर दिया था जांच का आदेश
प्रमादी मिलर से संबंधित करोड़ों के गबन की जांच उच्च न्यायालय और पुलिस मुख्यालय के देख-रेख में की जा रही है. उच्च न्यायालय के आदेश पर इस मामले में दर्ज एक करोड़ से कम राशि के गबन से संबंधित कांडों की हर 15 दिनों पर समीक्षा का निर्देश अपराध अनुसंधान विभाग ने दिया था. अपराध अनुसंधान विभाग इस मामले में दर्ज कांडों की जांच के लिए 28 बिंदुओं का निर्देश अगस्त 2015 को जारी किया था, लेकिन पुलिस मुख्यालय के दिये गये निर्देशों के अनुरूप जांच नहीं किये जाने की बात समीक्षा के दौरान उजागर हुई है. इसमें कांड का अनुसंधान कर रहे आइओ की लापरवाही सामने आने पर जुलाई 2017 को मुख्यालय ने डीआइजी को पत्र भेज उक्त बिंदुओं के अनुसार अनुसंधान कर समीक्षा करने का निर्देश दिया था.
मिल का पता ही नहीं, भेज दिया हजारों क्विंटल धान
जांच के क्रम में मिल नहीं रहने के बाद भी हजारों क्विंटल धान सैकड़ों बोरे में भर कर भेजने की बात सामने आयी है. इससे चावल ही नहीं, बोरे के नाम पर भी लाखों रुपये के गबन की कलई खुलने लगी है. डीआइजी ने कहा कि कई कांडों में सामने आया कि स्थल पर मिल था ही नहीं, और उस मिल में हजारों क्विंटल धान भेजने के लिए बोरे की खरीदारी पर भी लाखों रुपये खर्च किये गये.
बोरे पर अतिरिक्त खर्च का ब्योरा पुलिस के जांच अधिकारियों को बनाने का निर्देश दिया गया है. इस साक्ष्य को केस डायरी में भी दर्ज किया जायेगा.
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