वारदात: बनारस बैंक चौक पर हुई घटना, सिविल कोर्ट के पेशकार की गोली मार कर हत्या

मुजफ्फरपुर: समस्तीपुर सिविल कोर्ट के पेशकार जावेद अख्तर को बनारस बैंक चौक के पास बाइक सवार दो अपराधियों ने गोलियों से भून दिया. घटना सोमवार की सुबह 5.15 बजे की है. वे मसजिद चौक स्थित अपने आवास से समस्तीपुर जाने के लिए ऑटो पकड़ने बनारस बैंक जा रहे थे, तभी अपराधियों ने घटना को अंजाम […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 22, 2017 7:24 AM
मुजफ्फरपुर: समस्तीपुर सिविल कोर्ट के पेशकार जावेद अख्तर को बनारस बैंक चौक के पास बाइक सवार दो अपराधियों ने गोलियों से भून दिया. घटना सोमवार की सुबह 5.15 बजे की है. वे मसजिद चौक स्थित अपने आवास से समस्तीपुर जाने के लिए ऑटो पकड़ने बनारस बैंक जा रहे थे, तभी अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया.
गोली की आवाज सुन कर स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गयी. घटना की सूचना नगर थानाध्यक्ष केपी सिंह ने मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन की. शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया गया. नगर पुलिस हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है.
हॉस्पिटल गार्ड ने अपराधियों को देखा, डर से हुआ गायब
बनारस बैंक चौक से लगभग 50 मीटर पीछे जिस जगह पर अपराधियों ने पेशकार को गोलियों से भूना, वहां एक हॉस्पिटल का नाइट गार्ड ड्यूटी पर था. गोलियों की आवाज सुन कर वह इतना डर गया कि बिना डॉक्टर को सूचना दिये वहां से चला गया. बताया जाता है कि नाइट गार्ड अखाड़ाघाट इलाके का रहनेवाला है. थानेदार केपी सिंह ने नाइट गार्ड का पता लगाने के लिए हॉस्पिटल प्रशासन से पूछताछ की.
सीने में मारी नौ गोलियां, मौके से आठ खोखा बरामद
पेशकार जावेद अख्तर के सीने में अपराधियों ने नौ गोलियां मारी थीं. पुलिस जांच के दौरान मौके से आठ खोखा बरामद किया है. अपराधियों के सुराग जुटाने के लिए आसपास की दुकानों व हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी का फुटेज पुलिस खंगाल रही है. अहले सुबह घटना होने के कारण पुलिस को अपराधियों का सुराग जुटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.
पांच मिनट में बदल गयी नुरुन नेहार की दुनिया
जावेद अख्तर रोजाना की तरह अपने घर से सुबह 5.10 बजे निकले. पत्नी नुरुन नेहार उन्हें गेट तक छोड़ने आयी थी. पांच मिनट बाद उसे सूचना मिली कि अपराधियों ने जावेद की गोली मार कर हत्या कर दी है. घटना उसके घर से 50 मीटर की दूरी पर हुई. सूचना मिलते ही वह बेहोश हो गयी. बड़े बेटे हदलाक अख्तर ने उन्हें संभाला. जावेद अख्तर अपने पीछे चार पुत्र व एक पुत्री छोड़ गये हैं.