कोई गंजी पहन भागा, तो किसी के माथे पर रखा था बक्सा

मुजफ्फरपुर :रजावाड़ा गांव में िजस स्थान पर बांध टूटा है. उसके पास अफरा-तफरी का माहौल था. यहां दो िकलोमीटर पहले तक लोग बांध के िकनारे टेंट लगाने की तैयारी में जुटे थे. यह लोग घरों का सामान िनकाल कर बांध पर रख रहे थे. िजसे जैसे सूचना िमली. वह वैसे ही घर से िनकल पड़ा. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 21, 2017 10:51 AM
मुजफ्फरपुर :रजावाड़ा गांव में िजस स्थान पर बांध टूटा है. उसके पास अफरा-तफरी का माहौल था. यहां दो िकलोमीटर पहले तक लोग बांध के िकनारे टेंट लगाने की तैयारी में जुटे थे.
यह लोग घरों का सामान िनकाल कर बांध पर रख रहे थे. िजसे जैसे सूचना िमली. वह वैसे ही घर से िनकल पड़ा. सोये बच्चों को जगा कर बांध पर बैठा िदया गया. घर के लाइट जला दी गयी. रात में दो बजे इस सड़क पर लग रहा था िक िदन का समय है.
लोग मेले की तरह उमड़ रहे थे. घर के पुरुष सामान िनकालने में लगे थे, तो महिलाएं सामान को ठीक कर रही थीं. इन्हें इस बात की आशंका थी िक कहीं पानी इनकी गांव तक नहीं पहुंच जाये.
जहां पर बांध टूटा था. वहां पर घरों से बक्से िनकाल कर सड़क पर रखे जा रहे थे. कोई एक-दूसरे की मदद से इन्हें िनकाल रहा था. कोई माथे पर रख कर ले जा रहा था. पूरी तरह से यहां के लोग खुद को बचान में लगे थे.
गांव के रहनेवाले राम नारायण ठाकुर ने कहा िक पानी का दबाव बढ़ने के कारण यह िस्थति बनी है.गांव की रहनेवाली मनीषा देवी ने कहा िक हमारा एक घर बांध टूटने से िगर गया है, जबकि दूसरे पर भी खतरा है. उन्होंने बताया िक कल से ही बांध टूटने की बात हो रही थी. पानी लगातार बढ़ रहा था. हम तभी से अपने पति से घर का सामान बाहर लाने की बात कह रहे थे.
मुजफ्फरपुर. बूढ़ी गंडक नदी पर बने रजवाड़ा बांध के टूटने से मुशहरी के साथ जिले के मुरौल व सकरा प्रखंड पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. मनिका मन में पानी भरने के बाद मुशहरी ब्लॉक व इसके आसपास के गांव मनिका, बेदौलिया, नरौली, दरधा, नवादा, महमदपुर, सिंहो, हरपुर, सबहां आदि गांवों में पानी का बहाव होगा. मनिका मन के बगल में मुशहरी से पूसा जानेवाली रोड के क्रॉस करने के बाद पानी मुशहरी ब्लॉक व थाना के पीछे के गांव पह्रलादपुर, भटौलिया, गंगापुर, नरसिंहपुर आदि पर भी आफत हो गया है.
इसके अलावा शहर की ओर पानी बढ़ता है, तब बावनबीधा, दिघरा, बेला का इलाका पूरी तरह इसके चपेट में आ सकता है. लीची अनुसंधान केंद्र में भी पानी के घुसने की पूरी संभावना है. हालांकि, देर रात मौके पर पहुंची जलसंसाधन विभाग की टीम बोल्डर की मंगा टूटे बांध से पानी रोकने की कोशिश में लगी थी, लेकिन आसपास में कहीं बोल्डर नहीं मिल सका था. इसलिए जल संसाधन विभाग की यह कोशिश पूरी तरह असफल दिखी.