पुलिस ने बरामद किये तीन जिंदा बम, महिला ने सड़क पर रखे चार बम

पारू: थाना क्षेत्र की भगवानपुर सिमरा पंचायत के भटौलिया गांव में मंगलवार की दोपहर में एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला ने सड़क व पुल पर चार जिंदा बम रख दिया. पुल पर रखा एक बम फट गया. बम फटते ही वहां अफरा-तफरी मच गयी. स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पारू थानाध्यक्ष केसरी चंद को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
पारू: थाना क्षेत्र की भगवानपुर सिमरा पंचायत के भटौलिया गांव में मंगलवार की दोपहर में एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला ने सड़क व पुल पर चार जिंदा बम रख दिया. पुल पर रखा एक बम फट गया. बम फटते ही वहां अफरा-तफरी मच गयी. स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पारू थानाध्यक्ष केसरी चंद को दी. सूचना मिलने के बाद थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच तीन जिंदा बम को बरामद कर महिला को गिरफ्तार कर लिया. मानसिक रूप से विक्षिप्त लगने के बाद महिला को पुलिस ने सदर अस्पताल भेज दिया.
तीनों बम को बम निरोध दस्ता को बुलाकर निष्क्रिय कर दिया गया. देर शाम सदर अस्पताल में महिला का मेडिकल कराने के बाद उसे दुबारा पारू थाना भेज दिया गया है.
महिला की पहचान कथैया थाने के जसौली मठ निवासी शांति कुंवर के रूप में की गयी है. देर शाम उसके पुत्र लालू महतो को थाने पर बुला कर पुलिस पूछताछ कर रही है. महिला को पुलिस हिरासत में थाने पर ही रखा गया है. भगवानपुर सिमरा पंचायत के सरपंच महावीर रजक ने बताया कि महिला दो दिनों से गांव में घूम रही थी. सोमवार की दोपहर उसे गांव में एक झोला लेकर घूमते देखा गया था. जसौलीमठ पंचायत के मुखिया पंकज तिवारी ने बताया कि पकड़ी गयी महिला मानसिक रोगी है.
कैसे पहुंचा महिला के पास बम
पारू पुलिस मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला शांति देवी के पास किस परिस्थिति में बम पहुंचा. उसकी जांच कर रही है. पुलिस को अंदेशा है कि बदमाशों ने अापराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए कहीं पर झोले में बम छुपा कर रखा होगा.
20 साल पहले बिगड़ा था मानसिक संतुलन
बम के साथ गिरफ्तार शांति देवी पिछले 20 साल से मानसिक रोगी हैं. उसके पुत्र लालू महतो ने बताया कि उसकी मां का कई जगहों पर इलाज कराने के बाद भी सुधार नहीं हुआ. वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण- पोषण करता है. घर पर कोई पुरुष नहीं रहने के कारण अपनी मां को ससुराल तुर्की ओपी के चैनपुर में रखता है. वहां से भी एक माह पहले भाग गयी थी. 15 दिन बाद ढूंढ़ कर देवरिया से लाये थे. नौ दिन पहले भी वह घर से भाग गयी थी. काफी खोजबीन
की, लेकिन वह नहीं मिली. गांव के मुखिया ने घटना की सूचना दी.
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