साहित्य प्रहरी के अध्यक्ष यदुनंदन झा व सचिव बने शिवनंदन सलिल

साहित्य प्रहरी की विशेष बैठक रविवार को माधोपुर में संपन्न हुई. जिसकी अध्यक्षता आचार्य नारायण शर्मा एवं संचालन शिवनंदन सलिल ने की.

मुंगेर. साहित्य प्रहरी की विशेष बैठक रविवार को माधोपुर में संपन्न हुई. जिसकी अध्यक्षता आचार्य नारायण शर्मा एवं संचालन शिवनंदन सलिल ने की. बैठक के पहले चरण में वर्ष 2026-27 के लिए साहित्य प्रहरी का बजट संस्था के कोषाध्यक्ष ज्योति सिन्हा ने पेश किया, जिसके बाद कार्यसमिति का पुनर्गठन सर्वसम्मति से किया गया. आचार्य नारायण शर्मा, डॉ रघुनाथ भगत एवं अब्दुल्ला बुखारी सर्वसम्मति से संरक्षक चुने गये, जबकि यदुनंदन झा द्विज अध्यक्ष, कुमार विजय गुप्त उपाध्यक्ष, शिवनंदन सलिल सचिव एवं अलख निरंजन कुशवाहा सह सचिव चुने गये. कोषाध्यक्ष का पद पुनः ज्योति कुमार सिन्हा चुने गये. मंच संचालन के लिए मो एहतेशाम आलम एवं ज्योति सिन्हा मनोनीत किये गये. इसके अतिरिक्त कार्यसमिति के 21 सदस्य भी नामित हुए. पर्यवेक्षक के तौर पर राजीव कुमार सिंह उपस्थित थे. शिवनंदन सलिल ने कहा कि पिछले 35 वर्षों से साहित्य प्रहरी साहित्य की सेवा करता आ रहा है. इसके तत्वावधान में दर्जनों किताब का प्रकाशन हो चुका है. हर साल यह संस्था दो साहित्यकारों को सम्मानित करने का कार्य भी बदस्तूर निभा रही है. मासिक गोष्ठी का भी नियमित आयोजन किया जाता रहा है. साहित्य देश और समाज की आवाज और आईना दोनों है. कविता केवल तुकबंदी नहीं वह तो भावनाओं ओर अनुभवों का संगम है. अत: साहित्यकारों को केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रवाद की भावना को विकसित करने के लिए लिखना चाहिए. कार्यक्रम के दूसरे चरण में भव्य कवि गोष्ठी हुई, जिसमे सुनील सिंहा, किरण शर्मा, खालिद शम्स, एहतेशाम आलम, डॉ रघुनाथ भगत, विजेता मुद्गलपुरी, श्रेया सोनम, सनोवर शादाब, कुंदन कुमार, प्रमोद कुमार निराला, नारायण शर्मा ने अपनी-अपनी कविता का पाठ किया.

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By BIRENDRA KUMAR SING

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