किसान खेतों में रासायनिक खाद की जगह वर्मी कंपोस्ट व ढैंचा का करें प्रयोग

ढैंचा एवं मूंग सहित हरी खाद का उपयोग अपने खेतों में उपयोग करने की अपील की

उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में किसानों को निर्धारित दर पर यूरिया उपलब्ध कराने असरगंज सरकारी दर पर किसानों को यूरिया उपलब्ध हो और यूरिया की कालाबाजारी नहीं हो, इसे लेकर बुधवार को प्रखंड कार्यालय स्थित दुग्ध उत्पादन केंद्र के सभागार में प्रखंड स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक हुई. अध्यक्षता प्रमुख राजेश कुमार ने की. जबकि बीडीओ तान्या, बीएओ संजय चौधरी एवं कृषि समन्वयक दयानंद चौधरी मुख्य रूप से मौजूद थे. बीएओ ने कहा कि किसानों को उचित दर पर यूरिया उपलब्ध कराएं एवं खाद के स्टॉक के संबंध में कार्यालय को सूचित करें. उन्होंने बताया कि प्रखंड में संचालित उर्वरक दुकानों की लगातार जांच की जा रही है. उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद की जगह वर्मी कंपोस्ट ढैंचा एवं मूंग सहित हरी खाद का उपयोग अपने खेतों में उपयोग करने की अपील की. ताकि खेतों की उर्वराशक्ति बनी रहे और उत्पादान क्षमता को बढ़ावा मिले. प्रखंड प्रमुख ने यूरिया खाद के आवंटन में थोक विक्रेता प्रणव चौधरी उर्फ गुड्डा चौधरी पर भेदभाव करने का आरोप लगाया कि उनके द्वारा जबरन उर्वरक के साथ बीज नैनो यूरिया लेने का दबाव दिया जाता है. कृषि समन्वयक दयानंद चौधरी ने बताया कि मकवा पंचायत के लिए अतिरिक्त 10 टन यूरिया उपलब्ध कराने के लिए रिपोर्ट भेजा गया है. मौके पर उर्वरक विक्रेता संजीव कुमार, मनोज कुमार, सुबोध कुमार झा, विष्णुदेव पंजियारा मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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