मुंगेर, जमालपुर. तत्काल टिकट की बुकिंग में पारदर्शिता लाने के लिए रेलवे की ओर से अगस्त 2025 में लागू किए गए नए नियम को एक साल पूरा हो गया है. नए नियम के तहत तत्काल टिकट की बुकिंग के लिए यात्री के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी अनिवार्य किया गया है. रेलवे सूत्रों के अनुसार इस व्यवस्था के बाद जमालपुर रेलवे स्टेशन से तत्काल टिकट हासिल करने वाले यात्रियों की संख्या में पहले की तुलना में कमी आयी है.
पहले नंबर सिस्टम के जरिए होती थी तत्काल टिकट की बुकिंग
नए नियम से पहले तत्काल टिकट के लिए यात्रियों को स्टेशन के निर्धारित टिकट काउंटर पर पहुंचकर अपना नंबर लगाना पड़ता था. तत्काल टिकट बुकिंग के समय यात्री इसी नंबर के क्रम के अनुसार लाइन में खड़े होते थे. तत्काल टिकट कटने का समय शुरू होने पर नंबर के आधार पर यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराया जाता था. रेलवे सूत्रों के अनुसार इस व्यवस्था का फायदा दलालों और बिचौलियों को अधिक मिलता था. जरूरतमंद यात्रियों को तत्काल टिकट हासिल करने में परेशानी होती थी. इसी को देखते हुए रेलवे ने तत्काल टिकट की बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव किया.
रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी हुआ अनिवार्य
अगस्त 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए यात्री के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी की व्यवस्था लागू की गयी. जमालपुर में स्थानीय स्तर पर तत्काल टिकट के लिए अब भी पहले की तरह नंबर लेने की प्रक्रिया अपनायी जाती है.
तत्काल टिकट बुकिंग के समय एसी श्रेणी के लिए पूर्वाह्न 10 बजे और स्लीपर श्रेणी के लिए पूर्वाह्न 11 बजे काउंटर पर टिकट बुकिंग शुरू होती है. यात्री को आरक्षण फार्म में अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है. इसके बाद रेलवे की ओर से उसी नंबर पर ओटीपी भेजा जाता है. काउंटर पर ओटीपी बताने के बाद ही तत्काल टिकट की बुकिंग पूरी होती है.
सर्वर की समस्या से भी यात्रियों को हो रही परेशानी
जमालपुर के रेलवे सूत्रों के अनुसार नए नियम लागू होने के बाद सर्वर से जुड़ी समस्या भी सामने आती रही है. कई बार सर्वर की समस्या के कारण यात्री तत्काल टिकट की बुकिंग नहीं करा पाते और देखते ही देखते तत्काल कोटा समाप्त हो जाता है.
सूत्रों के अनुसार रविवार को भी वातानुकूलित श्रेणी में किसी यात्री को तत्काल टिकट नहीं मिल पाया. इसकी वजह सर्वर डाउन होना बताया गया.
एक साल में एसी श्रेणी के करीब 400 तत्काल टिकट
रेलवे सूत्रों के अनुसार अगस्त 2025 से अगस्त 2026 के बीच जमालपुर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन औसतन एक यात्री को एसी श्रेणी का तत्काल टिकट मिल पाया. इस अवधि में करीब 400 यात्रियों को एसी श्रेणी का तत्काल टिकट उपलब्ध होने की बात कही गयी है. वहीं, नए नियम लागू होने से पहले एसी श्रेणी में प्रतिदिन कम से कम दो यात्रियों को तत्काल टिकट मिलने की बात रेलवे सूत्रों ने बतायी. इस लिहाज से नए नियम के बाद तत्काल टिकट की उपलब्धता में कमी देखी जा रही है.
स्लीपर में भी घटे तत्काल टिकट के आंकड़े
सूत्रों के अनुसार अगस्त 2025 से अगस्त 2026 के बीच जमालपुर स्टेशन से प्रतिदिन करीब दो यात्रियों को स्लीपर श्रेणी का तत्काल टिकट मिल पाया. इस तरह एक साल में करीब 800 यात्रियों को स्लीपर श्रेणी में तत्काल टिकट उपलब्ध हुआ. वहीं, नए नियम लागू होने से पहले एक वर्ष में करीब 1200 से 1400 यात्रियों को स्लीपर श्रेणी का तत्काल टिकट उपलब्ध होने की बात बतायी गयी है. इससे भी तत्काल टिकट की उपलब्धता में कमी का संकेत मिलता है.
नियम का उद्देश्य पारदर्शिता, यात्रियों की सुविधा पर उठ रहे सवाल
रेलवे की ओर से तत्काल टिकट बुकिंग में ओटीपी अनिवार्य करने का उद्देश्य बिचौलियों और अनियमितताओं पर अंकुश लगाना रहा है. हालांकि जमालपुर में सामने आ रहे आंकड़ों और सर्वर संबंधी समस्याओं के कारण यात्रियों को तत्काल टिकट हासिल करने में पहले की तुलना में अधिक परेशानी होने की बात सामने आ रही है. अब यात्रियों की नजर इस बात पर है कि रेलवे तत्काल टिकट की प्रक्रिया को और सुगम बनाने के साथ सर्वर संबंधी समस्याओं का समाधान किस तरह करता है, ताकि वास्तविक जरूरतमंद यात्रियों को समय पर टिकट मिल सके.
