आनंद संभूति मास्टर यूनिट अमझर कोल काली मैदान में 25 देश के अनुयायी हो रहे शामिल
जमालपुर. प्रकृति की गोद में स्थित आध्यात्मिक केंद्र आनंद संभूति मास्टर यूनिट अमझर कोल काली मैदान में आनंद मार्ग प्रचारक संघ केंद्रीय का शुक्रवार को तीन दिवसीय विश्व धर्म महासम्मेलन बाबा नाम केवलम के जयघोष के साथ आरंभ हो गया.जो प्रेम में समर्पित होता है वह भक्ति में डूब जाता
पुरोधा प्रमुख ने अपने आध्यात्मिक प्रवचन में कीर्तन : भक्तों की पुकार विषय पर कहा. उन्होंने बताया कि जो भगवान से प्रेम करते हैं. उसे प्रेम आकर्षित करता है और जो प्रेम में समर्पित होता है. वह भक्ति में डूब जाता है. यही भक्ति जब शब्दों स्वर और भावनाओं में अभिव्यक्त होती है तो कीर्तन बन जाती है. मंच पर पुरोधा प्रमुख के सहायक आचार्य अमलेशानंद अवधूत, जनरल सेक्रेटरी आचार्य अभीरामानंद अवधूत और केंद्रीय धर्म प्रचार सेक्रेटरी आचार्य प्रणवेशानंद अवधूत थे. मौके पर बालकों द्वारा तांडव नृत्य और बालिकाओं द्वारा कौशिकी नृत्य प्रस्तुत किए गए. आनंद मार्ग के अनुसार तांडव नृत्य केवल पुरुषों के लिए है. जिसका प्रतिपादन लगभग 60 हजार वर्ष पहले देवाधिदेव महादेव ने किया था. गुरुदेव ने इसे दैनिक साधना में शामिल किया है. महिलाओं के लिए तांडव नृत्य वर्जित है. जबकि कौशिकी नृत्य महिलाओं के सभी 22 रोगों की औषधि मानी जाती है.25 देश के अनुयायी ले रहे भाग
धर्म महासम्मेलन में शामिल होने के लिए न केवल देश, बल्कि 25 देश के अनुयायी जमालपुर पहुंचे हैं. जिनमें नेपाल, बांग्लादेश, ताइवान, रूस, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, घाना, ब्राज़ील, पोलैंड, यूक्रेन, अमेरिका, स्वीडन, फिलिपींस, डेनमार्क आदि शामिल है. इन प्रतिनिधियों में मार्गी संन्यासी और गृहस्थ शामिल है. पहले दिन आनंद मार्ग के पुरोधा प्रमुख आचार्य विश्वदेवानंद अवधूत के आगमन पर उन्हें पारंपरिक गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत किया गया. मंच पर पहुंचने के बाद पुरोधा प्रमुख ने वहां स्थापित आनंद मार्ग के संस्थापक प्रभात रंजन सरकार उर्फ श्री आनंदमूर्ति की तस्वीर को प्रणाम किया.
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