नियोजकों के खिलाफ बरियारपुर में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी, 20-20 हजार का लगाया जुर्माना मुंगेर श्रम विभाग के धावा दल ने शुक्रवार को बरियारपुर बाजार में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर विशेष अभियान चलाया. इस दौरान गैराज, आटा मिल एवं किराना दुकान में काम कर रहे तीन बाल श्रमिक को मुक्त कराया. जिसे बाल गृह में रखा गया है. जबकि तीनों नियोजकों के खिलाफ बरियारपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए 20-20 हजार रुपया का जुर्माना लगाया गया है. बताया गया कि बरियारपुर प्रखंड के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी दिलीप कुमार झा के नेतृत्व में धावा दल ने बरियारपुर प्रखंड में विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान धावा दल ने बरियारपुर से आटा मिल संचालक उमा देवी, टोटो गैराज संचालक कैलाश प्रसाद तथा किराना दुकानदार सुधीर मंडल के दुकान में काम करने वाले तीन बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया. श्रम अधीक्षक सत्यप्रकाश ने बताया कि तीनों बाल श्रमिकों का सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराया गया. जिसके बाद तीनों बाल श्रमिक को बाल कल्याण समिति मुंगेर के समक्ष उपस्थापित कर उन्हें बाल गृह में आवासित किया गया. उन्होंने कहा कि बाल श्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्ति पर 20 हजार से 50 हजार रूपये तक का जुर्माना और दो वर्ष तक कारावास का प्रावधान बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम में तय है. नियोजकों के खिलाफ न सिर्फ थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी, बल्कि 20-20 हजार रूपया जुर्माना भी वसूल किया जायेगा. धावा दल में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सदर मुंगेर विक्रम कुमार सहित एनजीओ सदस्य व पुलिस बल शामिल थे.
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