अगलगी की घटनाओं के रोकथाम को लेकर तैयार है अग्निशमन विभाग
मार्च से जून का महीना अगलगी की घटनाओं के लिए जाना जाता है. तेज धूप व पछिया हवा के झोंके में लगातार अगलगी की घटनाएं हो रही है.
अग्निशमन विभाग में 16 छोटी-बड़ी दमकल व 116 कर्मी तैनात, रिस्पांस टाइम घटा
मुंगेर. मार्च से जून का महीना अगलगी की घटनाओं के लिए जाना जाता है. तेज धूप व पछिया हवा के झोंके में लगातार अगलगी की घटनाएं हो रही है. ऐसे में अग्निशमन विभाग आग पर काबू पाने के लिए पूरी तरह तैयार है. पर्याप्त संसाधन और दमकल के बल पर विभाग लगातार अगलगी की घटनाओं पर काबू पाने का काम कर रही है. विभाग का भी दावा है कि हमारा रिस्पांस टाइम भी बेहतर है, सूचना के एक से दो मिनट में पूरी टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो जाती है. इस कारण इस साल अबतक अगलगी की घटना में जान-माल का नुकसान काफी कम हुआ है.
16 दमकल के भरोसे जिले की 16 लाख की आबादी
जिले की आबादी 16 लाख से अधिक है. जिसकी आग से सुरक्षा के लिए विभाग के पास 16 बड़ी-छोटी दमकल है. मुंगेर सदर अनुमंडल में आग बुझाने के लिए जहां 2 बड़ा वाहन है. इसमें एक वाटर टैंकर है तो दूसरा फोम टैंकर है. इसके साथ ही 7 छोटी दमकल है. इसी तरह हवेली खड़गपुर अनुमंडल में 2 बड़ी और 1 छोटी दमकल है. तारापुर अनुमंडल में 1 बड़ी और दो मिस्क टैक्नॉली वाला वाटर टैंकर है. जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय स्थित अग्निशमन कार्यालय में हाईडेंट की व्यवस्था है, जबकि आईटीसी, पेट्रोल पंप, मॉल, स्कूल सहित 100 से अधिक स्थानों का चयन हाईडेंट सेंटर के रूप में चयन किया गया है. ताकि दमकल के लिए पानी की कमी नहीं हो सके.
विभाग के पास है पर्याप्त संसाधन
फायर ब्रिगेड के वाहनों के अलावा अग्निशमन विभाग में हर परिस्थितियों से निबटने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं. घनी बस्ती में आग लगने पर धुआं सोखने के लिए स्मोक एडजेस्टर, पानी खींचने के लिए फलोटरिक पंप, तैलीय आग बुझाने के लिए फोम टेंडर, बंद घरों में लगे आग बुझाने के लिए बोल्ट कटर मशीन जैसे साधन उपलब्ध हैं. पर्याप्त संख्या में फायर प्रॉक्सिमिटी सूट भी उपलब्ध है. इसके अलावा संकरी गलियों तक पहुंचने के लिए डिलीवरी पाइप, हौज, भीषण आग लगने पर ऑक्सीजन की कमी से राहत के लिए बीए सेट, हाइटेंशन विद्युत तार व लकड़ी काटने के लिए कटर जैसे संसाधन विभाग में मौजूद है. हालांकि, इनमें से कई उपकरणों की जरूरत काफी कम पड़ती है.
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हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की कमी से जूझ रहा विभाग
मुंगेर. अग्निशमन विभाग के पास हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म या स्काईलिफ्ट जैसी आधुनिक मशीनें नहीं हैं, जो ऊंची इमारतों में लगी आग को बुझाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं. विभाग के पास जो व्यवस्था है उससे महल 30 से 35 फीट की ऊंचाई तक पहुंचकर आग को बुझाया जा सकता है. वैसे कर्मियों की कोई कमी नहीं है. कुल 116 पदाधिकारी, कर्मी व अग्निक है. जिला अग्निशमन पदाधिकारी के रूप में हरेंद्र कुमार सिंह यहां पदस्थापित है, जबकि सहायक जिला अग्नि पदाधिकारी 2, व 2 अनुमंडल अनुमंडल अग्निक पदाधिकारी तैनात है. जबकि 101 स्टेशन ऑफिसर, वाहन चालक, फायरमैन सहित अन्य की तैनाती है.
मार्च से जून तक होती है अगलगी की अधिक घटना
विभाग की माने तो मार्च से जून तक अगलगी का सीजन होता है. इस दौरान अलगली की घटना बढ़ जाती है. जनवरी में 8 अगलगी की घटना हुई थी, जबकि मार्च में यह बढ़ कर 10 हो गयी. अप्रैल में अब तक 10 से अधिक अगलगी की घटना हो चुकी है. कहीं घर जलकर राख हो गया, तो कहीं कई हैक्टेयर में फसल जल कर राख हो गये.
कहती हैं अनुमंडल अग्निक पदाधिकारी
अनुमंडल अग्निक पदाधिकारी सदर दामिनी कुमारी ने बताया कि विभाग के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद है. इस कारण रिस्पांस टाइम भी बेहतर है. दो टीम हमेशा तैयार रहती है, जो सूचना मिलते ही एक से दो मिनट में घटनास्थल के लिए रवाना हो जाती है.