Munger News: मुंगेर जिले के तारापुर प्रखंड अंतर्गत कस्बा गांव स्थित प्रसिद्ध श्री खाटू श्याम मंदिर में एकादशी के पावन अवसर पर रविवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर में बाबा श्याम के दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं. आसपास के गांवों के साथ-साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की. पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का ऐसा संगम देखने को मिला कि वातावरण पूरी तरह श्याममय हो गया.
सुबह से लगी लंबी कतारें, दर्शन के लिए उमड़े हजारों भक्त
एकादशी के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक रही. कई भक्त सुबह ब्रह्ममुहूर्त में ही मंदिर पहुंच गए थे. जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती चली गई.
महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी बाबा श्याम के दर्शन के लिए कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे. भक्तों का विश्वास है कि एकादशी के दिन बाबा खाटू श्याम के दर्शन और पूजन से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है.
भव्य सजावट ने बढ़ाई मंदिर की आध्यात्मिक छटा
एकादशी के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. रंग-बिरंगी झालरों, फूलों और रोशनी की सजावट ने पूरे परिसर को दिव्य स्वरूप प्रदान किया. श्रद्धालुओं ने सजावट की भव्यता की सराहना की और इसे उत्सव जैसा माहौल बताया.
मंदिर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं का स्वागत भजनों की मधुर धुन और जयकारों से हो रहा था, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.
भजन-कीर्तन में झूम उठे श्रद्धालु
पूरे दिन मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और संकीर्तन का आयोजन चलता रहा. स्थानीय और आमंत्रित भजन गायकों ने “हारिये के सहारे की जय” सहित बाबा श्याम के लोकप्रिय भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे.
भक्ति संगीत की स्वर लहरियों ने मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया. कई श्रद्धालु भजनों के साथ तालियां बजाते और बाबा श्याम के जयकारे लगाते नजर आए.
मंदिर समिति ने की विशेष व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने दर्शन-पूजन को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की थी. प्रवेश और निकास मार्ग अलग-अलग रखे गए थे, ताकि भीड़ का दबाव कम रहे और किसी श्रद्धालु को असुविधा न हो.
स्वयंसेवकों और समिति के सदस्यों ने कतार व्यवस्था बनाए रखने, वरिष्ठ नागरिकों की सहायता करने और पूजा की व्यवस्था को व्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
महाप्रसाद वितरण में भी उमड़ी श्रद्धा
पूजा-अर्चना के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया. बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और बाबा श्याम के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की. शाम तक मंदिर परिसर “जय श्री श्याम” और “हारिये के सहारे की जय” के उद्घोष से गुंजायमान रहा.
स्थानीय लोगों का कहना है कि तारापुर का यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और एकादशी, फाल्गुन तथा अन्य विशेष अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
Munger News: आस्था और सामाजिक समरसता का केंद्र
एकादशी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सामुदायिक सहभागिता का भी प्रतीक बना. विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने एक साथ पूजा, भजन और प्रसाद वितरण में भाग लिया, जिससे मंदिर परिसर में भाईचारे और श्रद्धा का सुंदर वातावरण बना रहा.
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