धरहरा में बड़े पैमाने पर हो रहा पत्थरों का उत्खनन

लकड़ी की तस्करी व महुआ शराब का निर्माण भी जारी, धरहरा के पहाड़ी जंगलों और पहाड़ की तराई में चल रहा अवैध कारोबार, ट्रैक्टर व टमटम से हो रही अवैध तरीके से उत्खनन के बाद पत्थरों की ढुलाई

धरहरा. प्रखंड में एक बार फिर से पहाड़ी जंगल व पहाड़ की तराई में अवैध कारोबार संचालित हो रहा है. एक ओर जहां रात में डाइनामाइट विस्फोट कर अवैध पत्थर उत्खनन किया जा रहा है. वहीं दिन के उजाले में धड़ल्ले से महुआ शराब का निर्माण किया जा रहा है. जबकि वन संपदा की कटाई, ढुलाई और बिक्री खुलेआम हो रही है. इस पर लगाम लगाने के प्रति स्थानीय पुलिस के साथ ही वन विभाग की टीम पूरी तरह से निष्क्रिय है. इसके कारण धरहरा में बड़े पैमाने पर यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है.

दिन में देसी शराब निर्माण, तो रात में पत्थर का होता है उत्खनन

लड़ैयाटांड़ थाना क्षेत्र के गौरैया, कोयलो, मनकोटिया, खोपावर, सतधरवा के पहाड़ी क्षेत्र के अलावे धरहरा थाना क्षेत्र के बरमसिया, बिलोखर, बरमन्नी में दिन के उजाले में अवैध तरीके से महुआ शराब निर्माण व बिक्री का धंधा हो रहा है. धंधेबाज साइकिल, मोटरसाइकिल, ऑटो समेत अन्य साधनों से शराब की खेप एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा रहे हैं. एक तरफ जहां लड़ैयाटांड़ थाना क्षेत्र से शराब घटवारी- बसौनी के रास्ते लखीसराय जिला ले जाया जाता है, वहीं महगामा- गोविंदपुर के रास्ते छर्रा पट्टी, शिवकुंड, हेमजापुर, सिंघिया में महुआ शराब पहुंचायी जा रही है. शाम ढलते ही लड़ैयाटांड़ थाना क्षेत्र व धरहरा थाना क्षेत्र में करीब एक दर्जन पत्थर कारोबारी सक्रिय हो जाते हैं. जो पुलिस की मिलीभगत से शाम सात बजे से ही सरकारी संपत्ति का उत्खनन कर अपनी जेब को गर्म करने में लग जाते हैं. पहाड़ों को डाइनामाइट लगा कर तोड़ा जा रहा है. इसके बाद पत्थरों की ढुलाई ट्रैक्टर, ऑटो के साथ ही टमटम से की जा रही है.

लकड़ी व बीड़ी पत्ते का भी हो रहा अवैध कारोबार

धरहरा प्रखंड की वन संपदा काे माफिया बड़े पैमाने पर क्षति पहुंचा रहे हैं. एक ओर वन क्षेत्र में वृद्धि लाने के लिए पहाड़ी जंगलों में हर वर्ष पौधे लगाये जाते हैं. वहीं लकड़ी माफिया भोले-भाले आदिवासियों को अपने जाल में फंसा कर उनके माध्यम से वन संपदा को नुकसान पहुंचा रहे हैं. एक ओर जहां फर्नीचर के लिए हरे-भरे सागवान, महुआ, महुगनी, शीशम के पेड़ को काटा जा रहा है. वहीं दूसरी ओर जलावन के लिए हरे-भरे छोटे-छोटे पेड़ को भी काटा जा रहा है. इतना ही नहीं गोरैया, सखौल, कोठवा के पहाड़ी जंगलों से बीड़ी पत्ते की भी खेप भारी मात्रा में दूसरे जिलाें को भेजी जा रही है. धरहरा पहाड़ी क्षेत्र को वन आश्रय घोषित किये जाने के बावजूद धरहरा के पहाड़ी जंगलों से बड़े पैमाने पर वन संपदा की चोरी हो रही है.

कहते हैं लडै़याटांड़ थानाध्यक्ष

थानाध्यक्ष विभांशु शेखर भास्करम ने कहा कि पुलिस पत्थर माफिया व शराब निर्माण के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. इसमें पुलिस को सफलता भी मिल रही है. इस तरह के कारोबार पर लगभग विराम लग चुका है. अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है.

अवैध पत्थर लदे ट्रैक्टर को पुलिस ने किया जब्त, एक गिरफ्तार

धरहरा. लडै़याटांड़ थाना पुलिस ने रविवार की देर रात बंगलवा-सराधी के बीच अवैध पत्थर लदे एक ट्रैक्टर को जब्त करते हुए एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार व्यक्ति लड़ैयाटांड़ थाना क्षेत्र के सतघरवा निवासी दयानंद यादव है, जो वन संपदा को नुकसान पहुंचा रहा था. लडै़याटांड़ थानाध्यक्ष विभांशु शेखर भास्करम ने बताया कि अवैध पत्थर उत्खनन के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने बंगलवा मुख्य बाजार के बाहर बंगलवा-सराधी के बीच स्थित कब्रगाह के पास से अवैध पत्थर से लदे ट्रैक्टर को पकड़ा. इस दौरान चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है. लेकिन एक अन्य व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा. उसकी पहचान की जा रही है. जब्त पत्थर लदे ट्रैक्टर एवं गिरफ्तार व्यक्ति को धरहरा के वनों के क्षेत्र पदाधिकारी को सौंप दिया गया है. वनों के क्षेत्र पदाधिकारी जंगबहादुर राम ने संबंधित ट्रैक्टर व गिरफ्तार सतघरवा निवासी दयानंद यादव के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए वन अधिनियम के तहत गिरफ्तार व्यक्ति को न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

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Published by: Birendra kumar sing

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