बदहाली : सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्ड ने आठ हजार रुपये लेकर उपलब्ध कराया दो युनिट प्लेटलेट्स

रेडक्रॉस के सचिव देव प्रकाश ने कड़ी आपत्ति जतायी

मुंगेर.

सदर अस्पताल आज पूरी तरह से बाहरी और अंदर के दलालों से जूझ रहा है. इसका खामियाजा यहां भर्ती होने वाले गरीब मरीजों और उनके परिजनों को झेलना पड़ रहा है. हद तो तब हुई, जब सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में भर्ती मरीज प्रसव पीड़ित दुर्गा के परिजनों को दो युनिट प्लेटलेट्स के लिए अस्पताल की सुरक्षा में तैनात गार्ड को 8 हजार रुपये चुकाना पड़ा. हालांकि अब यह मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है. रेडक्रॉस के सचिव देव प्रकाश ने इस पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है.

बताया जाता है कि पूरबसराय दुर्गा स्थान निवासी विक्की कुमार की पत्नी प्रसव पीड़िता दुर्गा कुमारी को सोमवार को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मंगलवार को जब सदर अस्पताल में उसका सीबीसी टेस्ट हुआ, तो 48 हजार प्लेटलेट्स निकला. बुधवार की सुबह अचानक अस्पताल में तैनात चिकित्सक ने परिजनों को बताया कि दुर्गा को दो यूनिट प्लेटलेट्स चढ़ाना होगा. उस वक्त बुधवार कि अहले सुबह के 3-4 बज रहे थे. इसके कारण परिजन बुरी तरह से घबरा गये. रेडक्रॉस के सचिव देव प्रकाश ने बताया कि अहले सुबह होने के कारण परिजन प्लेटलेट्स के जुगाड़ करने में परेशान हो गये, तो अस्पताल के गेट पर सुरक्षा में तैनात गार्ड ने इसका फायदा उठाया. गार्ड ने महिला के परिजनों से ब्लड बैंक से प्लेटलेट्स दिलाने के नाम पर आठ हजार रुपये लिया और उनको प्लेटलेट्स उपलब्ध करा दिया. उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक का संचालन रेडक्रॉस की देखरेख में होता है. इसलिए रुपये लेकर ब्लड या प्लेटलेट्स उपलब्ध कराना गंभीर मामला है.

बोले ब्लड बैंक के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

इधर ब्लड बैंक के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ फैजउद्दीन ने बताया कि ब्लड बैंक में ब्लड और प्लेटलेट्स का स्टॉक सही है. डोनर के ब्लड देने के बाद ही संबंधित रोगी को प्लेटलेट्स उपलब्ध कराया गया है. बाहर में दलाल क्या करते हैं, इस पर निगरानी करना संभव नहीं है.

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Published by: Birendra kumar sing

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