जमालपुर. नयागांव के बद्दीपाड़ा में गुरुवार को संतमत सत्संग का आयोजन किया गया. जहां प्रमुख वक्ता स्वामी गुरुदेव बाबा ने अपने प्रवचन में कहा कि जिस तरह लोहा पारसमणी पत्थर के स्पर्श से सोना बन जाता है. उसी प्रकार सत्संग में आकर दुष्ट आदमी भी सुधर जाते हैं. उन्होंने कहा कि सत्संग आनंद और कल्याण रूपी वृक्ष की जड़ है और इस वृक्ष का फल सिद्धि है. साधन उस वृक्ष के फूल हैं. सत्संग के बिना विवेक नहीं होता है. बिना सत्संग के सार एवं असार और ईश्वर की कृपा के बिना सत्संग भी आसानी से नहीं मिलता है. यश, बुद्धि, मुक्ति और ऐश्वर्य सत्संग से प्राप्त होता है. सत्संग करने से दुष्ट व्यक्ति भी सुधर जाते हैं. सत्संग आश्रम के सचिव ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि सत्संगी निर्जला देवी लगभग 58 वर्ष की थी और उनका स्वर्गवास इलाज के दौरान हो गया था. उनके जैसा सत्संगी हमेशा याद में बनी रहेगी. संतमत सत्संग के जिला प्रचार मंत्री राजन कुमार चौरसिया ने कहा कि 28 मार्च शनिवार को संतमत सत्संग आश्रम नयागांव का 69वां स्थापना दिवस पर एक दिवसीय बहुत क्षेत्रीय संतमत सत्संग का आयोजन किया जाएगा. इसमें कुप्पाघाट भागलपुर आश्रम से स्वामी रविंद्र जी महाराज एवं अन्य साधु महात्माओं का प्रवचन होगा. मौके पर गुरुदेव बाबा, रामदाहीन बाबा, शिव शंकर प्रसाद, कन्हैयालाल, अभिमन्यु, आनंद साहू, अरविंद साहू, अमित कुमार, आदित्य कुमार, अमन कुमार, परमानंद मंडल, मदन लाल मंडल, शिवचरण साहू, रामस्वरूप मंडल, शंकर राम, राजेश सरस्वती, अजय कुमार, अमित कुमार आदि मौजूद थे.
आनंद व कल्याण रूपी वृक्ष की जड़ है सत्संग : स्वामी गुरुदेव
नयागांव के बद्दीपाड़ा में संतमत सत्संग का आयोजन
